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दिल्ली में पार्कों और उद्यानों की बदलेगी सूरत… सरकार का बड़ा ऐलान, बनाया खास प्लान

दिल्ली सरकार राजधानी में हरित क्षेत्र को और मजबूत और विस्तार देने और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पार्कों और उद्यानों के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता में व्यापक संशोधन पर विचार कर रही है. दिल्ली पार्क्स एंड गार्डन्स सोसाइटी के माध्यम से आरडब्ल्यूए, गैरसरकारी संगठनों और पंजीकृत सोसायटियों को दी जाने वाली सहायता राशि में प्रस्तावित वृद्धि का लक्ष्य शहर के हरित स्थलों की गुणवत्ता, रखरखाव और दीर्घकालिक संरक्षण को बेहतर बनाना है.

दिल्ली में पार्कों और उद्यानों की बदलेगी सूरत… सरकार का बड़ा ऐलान, बनाया खास प्लान
दिल्ली में पार्कों और उद्यानों की बदलेगी सूरत… सरकार का बड़ा ऐलान, बनाया खास प्लान

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार की इस पहल से न केवल राजधानी में हरित आवरण का विस्तार होगा, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी और समग्र शहरी पर्यावरण में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि बढ़ती लागत और श्रमिकों की मजदूरी को ध्यान में रखते हुए पार्कों और उद्यानों के रखरखाव के लिए दी जाने वाली वार्षिक सहायता को 2.55 लाख रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 3.8 लाख रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष करने का प्रस्ताव है. यह वृद्धि साफसफाई, सिंचाई, हरियाली के संरक्षण और समग्र रखरखाव को बेहतर बनाएगी.

100 प्रतिशत वित्तीय सहायता का प्रस्ताव

मौजूदा 90:10 के वित्तीय साझेदारी मॉडल को समाप्त कर 100 प्रतिशत सरकारी सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव रखा गया है. वर्तमान 90:10 मॉडल के तहत कुल लागत का 90 प्रतिशत सरकार वहन करती थी, जबकि शेष 10 प्रतिशत आरडब्ल्यूए/संस्थाओं को देना पड़ता था, जिससे छोटे संगठनों की भागीदारी सीमित रहती थी. इस व्यवस्था के कारण कई छोटे या सीमित संसाधनों वाले संगठनों के लिए योजना में भाग लेना चुनौतीपूर्ण हो जाता था.

नए प्रस्ताव में इस मॉडल को समाप्त कर 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे सभी प्रकार की पात्र संस्थाओं को बिना किसी आर्थिक दबाव के योजना में शामिल होने का अवसर मिलेगा. इससे न केवल भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि शहर के अधिक से अधिक पार्कों और उद्यानों का बेहतर रखरखाव और विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा.

नए पार्कों के विकास के लिए बढ़ी सहायता

मुख्यमंत्री ने बताया कि नए पार्कों के निर्माण और विकास के लिए दी जाने वाली एकमुश्त सहायता को 1.0 लाख रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 2.9 लाख रुपये प्रति एकड़ करने का प्रस्ताव है. यह कदम तेजी से शहरीकरण के बीच हरित क्षेत्रों के संरक्षण और विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. इससे राजधानी के विभिन्न इलाकों, विशेषकर नई विकसित कॉलोनियों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में नए पार्कों के निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा.

उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि सुनियोजित हरित स्थल न केवल शहर की सौंदर्यात्मक पहचान को मजबूत करते हैं, बल्कि नागरिकों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालते हैं. बढ़ती गर्मी, प्रदूषण और भागदौड़ भरी जीवनशैली के बीच पार्क लोगों को स्वच्छ हवा, सुकून भरा वातावरण और सामुदायिक जुड़ाव का अवसर प्रदान करते हैं.

मौजूदा पार्कों के सुधार के लिए अतिरिक्त प्रावधान

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि सरकार मौजूदा पार्कों के उत्थान के लिए भी एकमुश्त वित्तीय सहायता देने पर विचार कर रही है. आरडब्ल्यूए और सोसायटियों की मांग के आधार पर डिस्प्ले बोर्ड, डस्टबिन और यूपीवीसी सिंचाई पाइपलाइन जैसी सुविधाओं के लिए 2.5 लाख रुपये प्रति एकड़ तक की सहायता प्रदान की जा सकती है. यह सहायता संबंधित संस्थाओं के अनुरोध पर उपलब्ध कराई जाएगी. विभाग का कहना है कि दिल्ली के पार्क और उद्यान अधिक स्वच्छ, सुव्यवस्थित और टिकाऊ बन सकेंगे. इससे नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक हरित स्थल उपलब्ध होंगे और पर्यावरणीय संतुलन को भी मजबूती मिलेगी.

हरित क्षेत्र को मजबूत और टिकाऊ बनाना प्राथमिकता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी में हरित क्षेत्र को मजबूत और टिकाऊ बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. किसी भी सार्वजनिक स्थल का दीर्घकालिक और प्रभावी रखरखाव तभी संभव है, जब उसमें समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो. इसी उद्देश्य से सरकार ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित कर रही है, जिनसे आरडब्ल्यूए और स्थानीय संस्थाएं अपनेअपने क्षेत्रों के पार्कों और उद्यानों की देखरेख में जिम्मेदारी के साथ सहभागिता निभा सकें. यह पहल विकसित दिल्ली की परिकल्पना के अनुरूप है, जहां आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथसाथ पर्यावरणीय संतुलन और नागरिकों के जीवन स्तर को समान महत्व दिया जा रहा है.

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