Pragya Singh Reveal Truth: कानपुर की प्रज्ञा सिंह की शादी को महज तीन महीने ही हुए हैं। वह अपने पति के साथ केदारनाथ यात्रा से लौटते समय देहरादूनगाजियाबाद नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन से वापस घर लौट रही थी। अचानक आधी रात प्रज्ञा रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हो जाती है। पति की गुहार पर पुलिस ने जब ढूंढखोज की तो वह 6 दिन बाद बिहार के बेगुसराय में सहीसलामत मिली। अब प्रज्ञा ने खुद ही पूरी सच्चाई बयां की है कि वह बिहार कैसे पहुंच गई।

पुलिस ने प्रज्ञा को बरामद कर उनके परिवार को इसकी जानकारी दे दी है। मामले में लक्सर एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल का कहना है कि महिला को सकुशल बरामद कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि ट्रेन में उसका पति से झगड़ा हुआ था। पति जब सोने चला गया तो वो चुपचाप ट्रेन से उतरी और बिना टिकट किसी दूसरी ट्रेन में चढ़ गई। उसने टिकट भी नहीं खरीदा और बिहार के बेगूसराय में पहुंच गई। पुलिस का कहना है कि उसे उस वक्त यह भी मालूम नहीं था कि वह जिस ट्रेन पर चढ़ी है, वह बिहार जाएगी। वहां पहुंचकर उसने अपनी मां को फोन करके बताया कि वह सही सलामत है और चिंता न करे।
पति से ट्रेन में अनबन
पुलिस के मुताबिक, ट्रेन में घर लौटते समय दोनों के बीच किसी बात को लेकर अनबन हो गई थी। यह बात उसने खुद अपनी मां को फोन पर बताई है। फिलहाल पुलिस ने प्रज्ञा को कानपुर स्थित उसके घरवालों के पास सुरक्षित पहुंचा दिया है। प्रज्ञा अभी अपने परिवार के साथ है।
घटना क्या हुई थी
जानकारी के अनुसार, 5 मई की रात प्रज्ञा सिंह अपने पति मनीष के साथ केदारनाथ यात्रा पूरी कर देहरादून से गाजियाबाद लौट रही थीं। दोनों नंदा देवी एक्सप्रेस में सफर कर रहे थे। मनीष ने बताया कि हरिद्वार पार होने तक दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई, जिसके बाद वे सो गए। मनीष के मुताबिक, जब ट्रेन मुजफ्फरनगर स्टेशन के पास पहुंची तो उनकी आंख खुली और उन्होंने देखा कि प्रज्ञा अपनी सीट पर नहीं हैं। शुरुआत में उन्हें लगा कि वह वॉशरूम गई होंगी, लेकिन काफी देर तक वापस न आने पर उन्होंने पूरे ट्रेन में तलाश शुरू कर दी।
फोन बंद और ट्रेन में कहीं नहीं मिली प्रज्ञा
उन्होंने दोनों वॉशरूम और आसपास के डिब्बों में खोजबीन की, लेकिन प्रज्ञा का कोई पता नहीं चला। उनका मोबाइल फोन भी बंद मिला। ट्रेन स्टेशन पर रुकी तो वहां भी तलाश की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद रेलवे पुलिस को सूचना दी गई और मामला बाद में रुड़की कोतवाली भेजा गया, जहां गुमशुदगी दर्ज की गई।
जांच के दौरान पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरे बने। मनीष ने आरोप लगाया कि रुड़की और मुजफ्फरनगर स्टेशन के कैमरे काम नहीं कर रहे थे, जिससे यह पता लगाना मुश्किल हो गया कि प्रज्ञा ट्रेन से उतरी थीं या नहीं।
पति को थी हादसा या वारदात की आशंका
पति ने मामले में किसी हादसे या आपराधिक घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस से मदद की गुहार लगाई थी। जिसके बाद पुलिस ने रेलवे ट्रैक और आसपास के इलाकों में कई किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने प्रज्ञा के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मैसेज और व्हाट्सऐप चैट भी खंगाले, मगर कोई संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई।



