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दुनिया में गहरा सकता है तेल का संकट! सबसे बड़ी तेल कंपनी के बॉस ने बताई इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह

ग्लोबल मार्केट में इन दिनों भारी उथलपुथल मची हुई है. खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव का असर अब रोजमर्रा की महंगाई पर पड़ने का खतरा मंडराने लगा है. दुनिया की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासिर ने एक ऐसी चेतावनी जारी की है, जिसने दुनियाभर के ऊर्जा बाजारों और सरकारों की चिंता बढ़ा दी है. उनका कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी व्यवधान अगर कुछ और हफ्तों तक ऐसे ही बना रहा, तो वैश्विक तेल बाजार को पूरी तरह सामान्य होने में 2027 तक का लंबा समय लग सकता है.

दुनिया में गहरा सकता है तेल का संकट! सबसे बड़ी तेल कंपनी के बॉस ने बताई इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह
दुनिया में गहरा सकता है तेल का संकट! सबसे बड़ी तेल कंपनी के बॉस ने बताई इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह

इतिहास का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट

नासिर ने मौजूदा हालातों को बिल्कुल अभूतपूर्व करार दिया है. पहली तिमाही में शुरू हुई इस सप्लाई चेन की बाधा को उन्होंने दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट बताया है. होर्मुज जलडमरूमध्य कच्चे तेल की आवाजाही के लिए दुनिया का एक बेहद क्रिटिकल चोकपॉइंट है. इस रास्ते पर किसी भी तरह की रुकावट का सीधा मतलब है तेल की सप्लाई का रुकना. जब सप्लाई घटेगी, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊपर जाएंगी, जिसका असर हर उस देश पर पड़ेगा जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है.

रास्ता तुरंत खुला फिर भी लगेंगे महीने

हालात की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि नुकसान की भरपाई रातोंरात संभव नहीं है. अरामको के प्रमुख के मुताबिक, अगर आज ही इस रणनीतिक जलमार्ग को यातायात के लिए तुरंत और पूरी तरह से खोल दिया जाए, तब भी बाजार को संभलने में लंबा वक्त लगेगा. सप्लाई चेन के पूरे सिस्टम को जो तगड़ा झटका लग चुका है, उसके कारण कच्चे तेल के बाजार को दोबारा संतुलित होने में ही कई महीने लग जाएंगे.

महज 3 हफ्ते में बढ़ सकता है उत्पादन

बाजार में छाई इन तमाम चिंताओं के बीच अरामको ने निवेशकों और देशों को थोड़ा आश्वस्त करने का भी प्रयास किया है. कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि जरूरत पड़ने पर वह अपनी उत्पादन क्षमता को तेजी से बढ़ा सकती है. नासिर ने स्पष्ट किया कि अगर मांग अचानक बढ़ती है, तो सऊदी अरामको केवल तीन सप्ताह के भीतर 1.2 करोड़ बैरल प्रतिदिन की अपनी अधिकतम टिकाऊ उत्पादन क्षमता तक आसानी से पहुंच सकती है. कंपनी ने इस साल की पहली तिमाही में भूराजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद 1.26 करोड़ बैरल तेल के समतुल्य प्रतिदिन का उत्पादन किया है, जो इसके विशाल और मजबूत परिचालन ढांचे को दर्शाता है.

ईरान विवाद के बीच छप्परफाड़ मुनाफा

एक तरफ जहां दुनिया सप्लाई रुकने के डर से सहमी हुई है, वहीं इस संकट ने सऊदी अरामको के मुनाफे में जबरदस्त इजाफा किया है. इस सरकारी ऊर्जा दिग्गज ने रविवार को अपनी तिमाही कमाई के आंकड़े जारी किए हैं. इसके मुताबिक, कंपनी के मुनाफे में 25 प्रतिशत का भारी उछाल दर्ज किया गया है. इस शानदार कमाई के पीछे मुख्य वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और ईरान विवाद के कारण पैदा हुई सप्लाई की चिंताएं हैं, जिसने बाजार में क्रूड की कीमतों को सहारा दिया है.

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