अगर लंबे समय तक बैठने की वजह से आपके कूल्हों और जांघों में जकड़न महसूस होती है, तो तितली आसन आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। यह आसान योगासन लोअर बॉडी की मांसपेशियों को स्ट्रेच कर फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने में मदद करता है। रोजाना कुछ मिनट तितली आसन करने से कूल्हों, जांघों और पैरों की अकड़न कम होती है, साथ ही यह आसन महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। चलिए जानते हैं इसके फायदे और कैसे करें?

जांघों और कूल्हों की जकड़न करता है दूर
तितली आसन योगासन जांघों और कूल्हों की जकड़न को कम कर मांसपेशियों में लचीलापन बढ़ाने में मदद करता है, साथ ही लंबे समय तक बैठने से होने वाली अकड़न और दर्द से राहत देकर शरीर को हल्का, संतुलित और ज्यादा फुर्तीला बनाता है।
महिलाओं के लिए है बहुत फायदेमंद:
यह योग आसान महिलाओं के लिए बहुत ज़्यादा फायदेमंद है। यह योगासन पेल्विक क्षेत्र में रक्त के प्रवाह को बढ़ाते हैं, जो हार्मोनल संतुलन को सुधारने में मदद कर सकते हैं। यह यूरिन संबंधी समस्याओं और पीरियड्स के दर्द में भी बहुत फायदेमंद है, साथ ही यह लचीलापन बढ़ाकर नसों को आराम देता है।
कैसे करें यह आसन?
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सबसे पहले, अपने पैरों को अंदर की ओर मोड़कर बैठ जाएं, ताकि आपके पैर की उंगलियां एकदूसरे को छूएं और तलवें आपके पेल्विस वाले हिस्से को छूएं।
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अपने पैरों की उंगलियों को पकड़कर रखने के लिए अपने हाथों को उनके ऊपर लॉक कर लें। अपनी एड़ियों को अपने जननांगों के जितना हो सके, उतना करीब लाने की कोशिश करें।
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आपकी जांघों के अंदरूनी हिस्से, पेल्विस और जांघों के बीच का हिस्सा सभी में खिंचाव महसूस हो सकता है। अपनी पीठ को सीधा रखें। इससे आपकी पीठ के निचले हिस्से को मज़बूत बनाने में मदद मिल सकती है।
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एक गहरी सांस लें और उसे बाहर छोड़ें। अपनी जांघों और घुटनों को ज़मीन की ओर झुकाएं। फिर अपनी जांघों को एक तितली की तरह फड़फड़ाना शुरू करे।
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यह पूरी प्रक्रिया धीरेधीरे शुरू होनी चाहिए; धीरेधीरे इसकी गति बढ़ाएं और फिर रुक जाएं।



