Apara Ekadashi Ki Aarti: अपरा एकादशी ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को कहते हैं जो इस बार 13 मई को मनाई जा रही है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजाअर्चना की जाती है। कहते हैं इस एकादशी का व्रत रखने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है और व्यक्ति को अपार धन की प्राप्ति होती है। इस एकादशी को कई जगह अचला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है तो पंजाब, जम्मूकश्मीर और हरियाणा में इसे भद्रकाली एकादशी कहते हैं। वहीं उड़ीसा में इस दिन जलक्रीड़ा एकादशी मनाई जाती है। चलिए अब जानते हैं इस एकादशी पर कौन सी आरती करनी चाहिए।

अपरा एकादशी की आरती
- ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।
- भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥
- जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।
- सुखसंपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय…॥
- मातपिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।
- तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय…॥
- तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥
- पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय…॥
- तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।
- मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय…॥
- तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
- किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय…॥
- दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
- अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय…॥
- विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
- श्रद्धाभक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय…॥
- तनमनधन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा।
- तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय…॥
- जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।
- कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय…॥
अपरा एकादशी का टाइम 2026
- अपरा एकादशी 13 मई 2026, बुधवार
- अपरा एकादशी पारण समय 05:31 AM से 08:14 AM
- पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय 11:20 AM
- एकादशी तिथि प्रारम्भ मई 12, 2026 को 02:52 PM बजे
- एकादशी तिथि समाप्त मई 13, 2026 को 01:29 PM बजे



