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नेगेटिव रिव्यू के बाद भी क्यों हिट हो जाती हैं फिल्में? क्या क्रिटिक्स से ज्यादा पब्लिक पर ट्रस्ट करते हैं लोग

फिल्म इंडस्ट्री को लेकर अकसर बातें होती हैं कि फिल्मों के बॉक्स ऑफिस नंबर को बढ़ाचढ़ाकर पेश किया जाता है। कई फिल्में ऐसी हैं जिन्हें क्रिटिक के अच्छे रिव्यू नहीं मिलते, लेकिन बावजूद इसके फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा बिजनेस कर लेती है।

नेगेटिव रिव्यू के बाद भी क्यों हिट हो जाती हैं फिल्में? क्या क्रिटिक्स से ज्यादा पब्लिक पर ट्रस्ट करते हैं लोग
नेगेटिव रिव्यू के बाद भी क्यों हिट हो जाती हैं फिल्में? क्या क्रिटिक्स से ज्यादा पब्लिक पर ट्रस्ट करते हैं लोग

अगर किसी फिल्म को खराब रिव्यू मिले हैं, तो फिर वह बॉक्स ऑफिस पर हिट कैसे हो जाती है? कई बार ऐसा लगता है कि दर्शक अब क्रिटिक्स की बातों से ज्यादा अपनी पसंद और सोशल मीडिया पर मिल रहे रिएक्शन पर भरोसा करने लगे हैं। यही वजह है कि नेगेटिव रिव्यू के बावजूद कई फिल्में करोड़ों की कमाई कर जाती हैं।

ऐसे कई उदाहरण हैं, जिनकी कहानी को क्रिटिक्स ने कमजोर बताया, लेकिन हीरो की फैन फॉलोइंग रंग लाई। इसमें शाहरुख खान की फिल्म ‘पठान’ का नाम शामिल है।

पठान

ये फिल्म साल 2023 की शुरुआत में आई थी। मगर इसमें बड़ी बात ये थी कि ये शाहरुख खान ने इसके साथ बॉलीवुड में चार साल बाद वापसी की थी। बड़े एक्शन सीक्वेंस और थिएटर एक्सपीरियंस ने इसे ब्लॉकबस्टर बना दिया। दर्शकों के लिए फिल्म इवेंट बन गई थी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 1050 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था।

एनिमल

इसी तरह ‘एनिमल’ को लेकर काफी विवाद हुआ था। कई क्रिटिक्स ने इसकी हिंसा और टॉक्सिक मर्दानगी पर सवाल उठाए, लेकिन रणबीर कपूर के इंटेंस किरदार और फिल्म के इमोशनल ड्रामा ने बड़ी संख्या में दर्शकों को थिएटर तक खींचा। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की, इसने वर्ल्डवाइड कुल 915 करोड़ का बजनेस किया था।

रेस 3

साल 2018 में आई फिल्म ‘रेस 3’ भी इसका एक बड़ा उदाहरण है। फिल्म को बेहद खराब रिव्यू मिले थे, लेकिन सलमान खान की स्टार पावर के कारण फिल्म ने शुरुआती दिनों में ही शानदार कमाई की। फिल्म ने वर्ल्डवाइड 303 करोड़ कमाये थे। इस तरह कई और फिल्में भी हैं।

सोशल मीडिया और वर्ड ऑफ माउथ ने बदला खेल

पहले लोग अखबारों और टीवी रिव्यू पर ज्यादा निर्भर रहते थे, लेकिन अब इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब व्लॉग और ट्विटर रिएक्शन ज्यादा असर डालते हैं। अगर आम दर्शक फिल्म देखकर अच्छा रिएक्शन देते हैं, तो नेगेटिव रिव्यू का असर कम हो जाता है।

द कश्मीर फाइल्स इसका उदाहरण है। फिल्म को लेकर क्रिटिक्स की राय बंटी हुई थी, लेकिन सोशल मीडिया पर दर्शकों के इमोशनल रिएक्शन और चर्चा ने इसे बड़ी सफलता दिलाई।

स्टार पावर का बड़ा असर

भारत में स्टार पावर बहुत मायने रखती है। कई दर्शक सिर्फ अपने पसंदीदा अभिनेता को देखने थिएटर जाते हैं। चाहे रिव्यू खराब हों, लेकिन फैंस पहले वीकेंड में फिल्म को बड़ी ओपनिंग दिला देते हैं।

क्रिटिक कैसे करते हैं फिल्म का रिव्यू

फिल्म क्रिटिक्स किसी फिल्म को तकनीकी नजरिए से देखते हैं। वो कहानी, स्क्रीनप्ले, एडिटिंग, सिनेमैटोग्राफी, एक्टिंग और निर्देशन जैसी चीजों के बारे में बात करते हैं। लेकिन आम दर्शक थिएटर में दोतीन घंटे का मनोरंजन खोजने जाते हैं। अगर फिल्म उन्हें हंसाती है, रोमांच देती है या स्टार का दमदार अंदाज दिखाती है, तो वे फिल्म पसंद कर लेते हैं।

इन कारणों से भी चलती हैं फिल्में

कुछ फिल्में लॉजिक से ज्यादा एंटरटेनमेंट पर चलती हैं। उनमें जोक्स, डायलॉग, एक्शन, गाने और हीरोगिरी होती है। क्रिटिक्स उन्हें ओवरदटॉप बता सकते हैं, लेकिन आम दर्शकों को वही चीजें पसंद आती हैं। उदाहरण के लिए सलमान खान की फिल्में इन सबके लिए काफी पसंद की जाती हैं।

क्या समीक्षकों पर यकीन नहीं करते दर्शक?

ऐसा कहना पूरी तरह सही नहीं होगा, लेकिन अब दर्शक सिर्फ क्रिटिक्स की राय जानने के बाद खुद भी इंटरनेट पर क्लिप्स देखकर अपना मन बनाते हैं। वो ट्रेलर, दोस्तों के रिव्यू और ऑनलाइन ऑडियंस रिव्यू देखकर खुद फैसला लेना पसंद करते हैं।

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