Narsinghpur News: मध्य प्रदेश के क्राइम जगत में इन दिनों एक नाम की चर्चा इंदौर की चर्चित ‘सोनम’ से भी कहीं ज्यादा हो रही है. वह नाम है रीना किरार का. सोशल मीडिया पर ग्लैमरस रील बनाने वाली रीना की हकीकत किसी डार्क थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है. महज 16 साल की उम्र में शुरू हुई एक साधारण लड़की की कहानी लग्जरी लाइफ, दो प्रेमियों के बीच उलझी बेवफाई और आखिरकार एक सनसनीखेज हत्याकांड के खौफनाक मोड़ पर आकर ठहरी है. रायसेन पुलिस ने जब कत्ल की गुत्थी सुलझाई तो जो परतें खुलीं, उसने सबको सन्न कर दिया.

16 साल की उम्र में हुई शादी
कातिल रीना का जन्म नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा के एक छोटे से गांव में हुआ था. किस्मत की मार ऐसी थी कि जन्म से पहले पिता का साया उठ गया और चंद महीनों बाद मां ने भी साथ छोड़ दिया. मौसी की परवरिश में पलीबढ़ी रीना का बचपन अभावों में बीता, लेकिन उसके सपने बड़े थे. गांव के ही अरुण पटेल से उसका बचपन का प्रेम परवान चढ़ा, लेकिन बदनामी के डर से परिजनों ने उसकी शादी महज 16 साल की उम्र में कर दी.
रीना का 13 साल का एक बेटा
शादी के 13 साल और एक बच्चे के होने के बाद भी रीना का मन अपने पति में नहीं लगा. वह वापस अपने पुराने प्रेमी अरुण के पास लौट आई. अरुण ने रीना पर दौलत की ऐसी बारिश की कि उसकी जिंदगी रातोंरात बदल गई. रीना इन तमाम सुखसुविधाओं की झलक अपनी इंस्टाग्राम रील में दिखाती थी. वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहने लगी और यहीं से उसकी जिंदगी में ‘दूसरे प्रेमी’ वीरू जाट की एंट्री हुई. राजस्थान का रहने वाला वीरू, रीना की रील पर कमेंट्स और प्यार बरसाता था. धीरेधीरे यह डिजिटल नजदीकियां असल जिंदगी के अफेयर में बदल गईं और वीरू नरसिंहपुर आनेजाने लगा.
बोरी में मिला था वीरू जाट का शव
पुलिस के मुताबिक, राजस्थान निवासी वीरू जाट की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई थी. वीरू का शव 7 मई को रायसेन जिले में बोरी में बंद मिला था. हाथ बंधे हुए थे, मुंह में टेप चिपका हुआ था. शव के पास एक बैग मिला, जिसमें एक बच्चे की रफ कॉपी रखी हुई थी. इसी कॉपी ने पुलिस को पूरे मामले तक पहुंचा दिया. कॉपी पर स्कूल टीचर के हस्ताक्षर थे. जांच करते हुए पुलिस नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा पहुंची, जहां पता चला कि वह कॉपी रीना किरार के बेटे की है.
कातिलों ने सोचा था कि वे बच निकलेंगे, लेकिन कानून के हाथ एक ‘रफ कॉपी’ तक पहुंच गए. रायसेन में मिली सड़ीगली लाश के पास एक स्कूल बैग मिला था, जिसमें बच्चे की रफ कॉपी थी. उस कॉपी पर मौजूद टीचर के साइन का पीछा करते हुए पुलिस नरसिंहपुर के साईंखेड़ा स्थित स्कूल पहुंची. पता चला कि वह कॉपी रीना के 10 वर्षीय बेटे की थी. जब पुलिस रीना के घर पहुंची तो वहां ताला लटका था, लेकिन टेक्निकल सर्विलांस के जरिए पुलिस ने रीना, अरुण और उनके साथी को उज्जैन से दबोच लिया.
लग्जरी लाइफ की शौकीन थी रीना किरार
अरुण पटेल एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था, लेकिन उसके पास अच्छी पैतृक संपत्ति भी थी. पुलिस जांच में सामने आया है कि उसने रीना को महंगे गिफ्ट और लग्जरी सुविधाएं उपलब्ध कराईं. रीना के नाम करोड़ों रुपए की एफडी, करीब 45 लाख रुपए का महंगा मकान, 670 ग्राम सोने के जेवर, लग्जरी कार और महंगे मोबाइल फोन तक दिए गए. सोशल मीडिया पर रीना की रीलों में उसकी आलीशान जिंदगी की झलक अक्सर दिखाई देती थी.
बेसबॉल बैट से हमला कर वीरू जाट की हत्या की
इसके बाद कथित तौर पर वीरू को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई. पुलिस के मुताबिक, रीना ने वीरू को मिलने के बहाने घर बुलाया, जहां पहले से अरुण और उसका एक साथी मौजूद था. वहां वीरू पर बेसबॉल बैट से हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई. हत्या के बाद शव को रायसेन ले जाकर एक पुल से 40 फिट नीचे फेंक दिया गया, ताकि पहचान और सुराग छिपाए जा सकें.
हालांकि एक बच्चे की कॉपी ने पूरा राज खोल दिया. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की. जांच के दौरान पता चला कि तीनों उज्जैन में छिपे हुए हैं. इसके बाद रायसेन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रीना किरार, अरुण पटेल और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. सोशल मीडिया पर रीना किरार की कहानी को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं.



