India

NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में एक्शन, पुणे और अहिल्यानगर से दो गिरफ्तार

NEET पेपर लीक जांच में पुणे से एक और युवक हिरासत में लिया गया है. पुणे पुलिस ने NEET पेपर लीक मामले की जांच के दौरान एक और युवक को गिरफ्तार में लिया है. यह कार्रवाई पुणे के मांजरी इलाके में की गई. गिरफ्तार किये गये युवक की पहचान शेषराव सोलुंके के रूप में हुई है, जो रायसोनी कॉलेज में इंजीनियरिंग द्वितीय वर्ष का छात्र बताया जा रहा है. इसके साथ ही अहिल्यानगर से भी एक युवक को गिरफ्तार किया गया है. इस तरह से गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर सात हो गई है.

NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में एक्शन, पुणे और अहिल्यानगर से दो गिरफ्तार
NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में एक्शन, पुणे और अहिल्यानगर से दो गिरफ्तार

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले में उसकी संभावित भूमिका और कनेक्शन की जांच के लिए उससे पूछताछ की जा रही है. जांच में पुणे में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है. इससे पहले पुलिस ने मनीषा वाघमारे के खिलाफ कार्रवाई की थी.

सूत्रों के अनुसार, मनीषा वाघमारे से पूछताछ में सामने आया है कि उसकी और धनंजय लोखंडे की कई वर्षों से पहचान थी और दोनों के बीच लंबे समय से पैसों का लेनदेन भी होता रहा था.

NEET पेपर लीक मामले में मिले अहम सुराग

जांच एजेंसियों को शक है कि NEET पेपर लीक मामला सामने आने के बाद मनीषा और लोखंडे ने अपने मोबाइल फोन से कई चैट्स डिलीट कर दिए थे, ताकि वे जांच के दायरे में न आएं. पुलिस को आशंका है कि कई संदिग्ध बातचीत जानबूझकर हटाई गईं.

CBI ने अब दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और डिलीट किए गए चैट्स रिकवर करने के लिए उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. जांचकर्ताओं का मानना है कि हटाए गए कुछ संदेश NEET पेपर लीक मामले से जुड़े अहम सुराग दे सकते हैं. हिरासत मैं लिए गए इंजीनियर छात्रा पर लीक पेपर के डिस्ट्रिब्यूशन का आरोप है जिसकी जांच की जा रही है.

5 आरोपियों को सात दिनों की सीबीआई रिमांड

इस बीच, CBI ने दिल्ली की एक कोर्ट से NEETUG 2026 पेपर लीक केस में गिरफ्तार किए गए पांच लोगों की सात दिन की पुलिस कस्टडी मांगी है. उनका दावा है कि ऑनलाइन क्वेश्चन पेपर सर्कुलेट करके एग्जाम में गड़बड़ी की गई थी. कोर्ट ने आरोपियों को सात दिनों को सीबीआई रिमांड पर भेज दिया.

स्पेशल जज अजय गुप्ता के सामने फाइल की गई रिमांड एप्लीकेशन के मुताबिक, आरोपी यश यादव, मांगीलाल खटीक उर्फ ​​मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल को 13 मई को जयपुर में गिरफ्तार किया गया था. डिपार्टमेंट ऑफ़ हायर एजुकेशन के डायरेक्टर वरुण भारद्वाज की शिकायत पर 12 मई को FIR दर्ज की गई थी.

CBI ने कोर्ट को बताया कि राजस्थान के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप की जांच में कुछ लीक हुए सवालों के असली होने की खबर मिली थी, जिसके बाद सरकार ने परीक्षा कैंसिल कर दी थी. रिमांड कॉपी में कहा गया है, “अप्रैल 2026 में, नासिक के शुभम नाम के एक व्यक्ति ने यश यादव को बताया कि मांगीलाल ने उससे संपर्क किया था कि वह उसके छोटे बेटे के लिए परीक्षा से पहले लीक हुए NEET UG 2026 के सवालजवाब के पेपर 1012 लाख में अरेंज करेगा.”

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply