Chhatarpur News: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में केनबेतवा लिंक परियोजना से जुड़े विस्थापन और मुआवजे के मुद्दे पर एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति बन गई. किशनगढ़ थाना क्षेत्र के ढोढन गांव में ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर जमकर पथराव कर दिया. जवाब में पुलिस को हालात नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और बांध निर्माण कार्य अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ है.

छतरपुर पुलिस के अनुसार, बुधवार को हुई हिंसक घटना के बाद किशनगढ़ थाने में अमित भटनागर, दिव्या अहिरवार सहित लगभग 150 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. गुरुवार को पुलिस टीम नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव पहुंची, तभी दोबारा पथराव शुरू हो गया. देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस को भीड़ को तितरबितर करने के लिए आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा.
इस मामले में जिला पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि जिन परिवारों को मुआवजा दिया जा चुका है और जिनके पुनर्वास के लिए नए मकान तैयार हैं, उनके पुराने मकानों को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी. इसी दौरान कुछ लोगों ने भीड़ को उकसाया और पुलिस व प्रशासनिक टीम पर हमला कर दिया.
एसपी रजत सकलेचा के मुताबिक, अब तक 38 नामजद आरोपियों में से 31 को गिरफ्तार किया जा चुका है. इसके अलावा करीब 150 अन्य लोगों की पहचान फोटोग्राफी, वीडियो रिकॉर्डिंग और ड्रोन फुटेज के आधार पर की जा रही है. दोनों FIR में हत्या के प्रयास, शासकीय कार्य में बाधा और पुलिसकर्मियों को चोट पहुंचाने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. पुलिस ने यह भी बताया कि जेसीबी चालक का गला दबाने का प्रयास किया गया.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बांध निर्माण स्थल और आसपास के क्षेत्रों में 500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. प्रशासन का कहना है कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है. मामले की जांच जारी है.



