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NEET UG : फीस वापस होगी, नया रजिस्ट्रेशन फ्री, अगली बार से ऑनलाइन परीक्षा; पेपर लीक के बाद क्या बदला

NEET UG 2026 को लेकर कई दिनों से चल रही बेचैनी के बीच अब केंद्र सरकार ने रीएग्जाम की पूरी तस्वीर साफ कर दी है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ऐलान किया कि NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को कराई जाएगी। इसके साथ ही परीक्षा को लेकर कई बड़े बदवाल किए गए हैं। धर्रेंद्र प्रधान ने बताया कि अगले बार से परीक्षा कंप्यूटर आधारित यानी सीबीटी के माध्यम से कराई जाएगी।

NEET UG : फीस वापस होगी, नया रजिस्ट्रेशन फ्री, अगली बार से ऑनलाइन परीक्षा; पेपर लीक के बाद क्या बदला
NEET UG : फीस वापस होगी, नया रजिस्ट्रेशन फ्री, अगली बार से ऑनलाइन परीक्षा; पेपर लीक के बाद क्या बदला

री एग्जाम में छात्रों को मिलेंगी कई नई सुविधाएं
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि इस बार NEET री एग्जाम में कई बड़े बदलाव किए गए हैं ताकि छात्रों को कम परेशानी हो और परीक्षा ज्यादा पारदर्शी बने। सबसे बड़ा फैसला यह है कि जिन छात्रों ने पहले आवेदन किया था, उन्हें दोबारा फीस नहीं देनी होगी। इतना ही नहीं, जिन छात्रों की परीक्षा फीस को लेकर शिकायतें थीं, उन्हें रिफंड भी दिया जाएगा। नया रजिस्ट्रेशन पूरी तरह मुफ्त रखा गया है।

14 जून तक एडमिट कार्ड जारी होंगे
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि सभी उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे। इससे छात्रों को यात्रा और तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। इस बार छात्रों को अपनी पसंद का परीक्षा केंद्र चुनने की सुविधा भी दी जाएगी। पहले कई छात्रों को दूसरे शहरों में सेंटर मिलने की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद यह बदलाव किया गया है।

NEET UG 2026 री एग्जाम में छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी मिलेगा। माना जा रहा है कि सुरक्षा जांच और नई प्रक्रिया के कारण समय की भरपाई के लिए यह फैसला लिया गया है। NTA इस बार परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक जांच, डिजिटल निगरानी और सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू करने जा रही है ताकि दोबारा किसी तरह की गड़बड़ी न हो।

गौरतलब है कि सरकार ने माना कि इस बार गेस पेपर के नाम पर असली सवाल बाहर पहुंचे थे और जांच में पेपर लीक की पुष्टि हो चुकी है। दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि 3 मई को परीक्षा होने के बाद 7 मई को NTA को शिकायत मिली थी कि बाजार में घूम रहे कुछ गेस पेपर के सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खा रहे हैं। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने तुरंत जांच शुरू करवाई और मामला सरकारी एजेंसियों को सौंप दिया गया।

12 मई तक जांच में साफ हो गई थी लीक की बात
सरकार के मुताबिक अलग अलग राज्यों की एजेंसियों से संपर्क करने के बाद 12 मई तक यह साफ हो गया था कि “गेस पेपर” के बहाने असली प्रश्न लीक किए गए थे। इसी के बाद सरकार ने परीक्षा रद्द करने और री एग्जाम कराने का फैसला लिया। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य शिक्षा माफिया और फर्जी अभ्यर्थियों की वजह से खराब हो। उन्होंने माना कि री एग्जाम को लेकर देशभर में छात्रों के बीच दो तरह की राय थी, लेकिन सरकार की जिम्मेदारी थी कि निष्पक्ष समाधान निकाला जाए।

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