Delhi Rape Case: दिल्ली एक बार फिर उसी डरावनी रात की यादों में लौटती दिखाई दे रही है, जिसे देश कभी भूल नहीं पाया. साल 2012 के निर्भया कांड के बाद दावा किया गया था कि राजधानी की सड़कें सुरक्षित होंगी, बसों की निगरानी बढ़ेगी और महिलाओं के खिलाफ अपराध पर सख्त कार्रवाई होगी. लेकिन रानीबाग से नांगलोई तक करीब 7 किलोमीटर घूमती एक निजी बस ने उन तमाम दावों की परतें उधेड़ दी हैं.

आरोप है कि एक महिला को देर रात बस में खींचा गया और फिर करीब 90 मिनट तक उसके साथ दरिंदगी होती रही. इस रेप केस में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है. जिस जगह बस रुकी रही, वह नांगलोई पुलिस स्टेशन और डीसीपी ऑफिस से महज 700 मीटर दूर थी. सीसीटीवी कैमरों में बस कैद होती रही, सड़कें जागती रहीं, लेकिन संवेदनाएं जैसे सो गईं. इस घटना ने सिर्फ कानून व्यवस्था नहीं बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि आखिर निर्भया कांड से देश ने सीखा क्या?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता के मुताबिक वह देर रात सरस्वती विहार बस स्टैंड से अपने घर जाने के लिए बस में चढ़ी थी. बस स्टैंड के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे थे और पास में PCR वैन भी मौजूद थी. इसके बावजूद आरोपी चालक और कंडक्टर ने कथित तौर पर उसे बस में खींच लिया. पुलिस के अनुसार बस दीपाली चौक, मंगोलपुरी फ्लाईओवर, पीरागढ़ी और उद्योग नगर होते हुए नांगलोई रेलवे रोड तक पहुंची. यह सफर करीब 45 मिनट में पूरा हुआ. इसके बाद बस करीब डेढ़ घंटे तक वहीं खड़ी रही. इसी दौरान महिला के साथ कथित गैंगरेप हुआ. बाद में महिला बस से उतरी और PCR कॉल कर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने कुछ ही घंटों में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और बस को जब्त कर लिया. लेकिन यह सवाल अब भी बाकी है कि इतनी बड़ी घटना के दौरान सुरक्षा तंत्र आखिर कहां था.
मैंने कहा मुझे छोड़ दो, घर पर मेरे तीन बच्चे इंतजार कर रहे हैं: पीड़िता
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में प्राइवेट बस में गैंगरेप की शिकार महिला ने घटना को याद करते हुए बताया कि उसने आरोपियों से कई बार छोड़ देने की गुहार लगाई थी. महिला ने कहा, ‘मैंने उनसे कहा कि मैं आपके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करूंगी. मुझे जाने दो. मेरे तीन बच्चे घर पर मेरा इंतजार कर रहे हैं.’ पीड़िता ने बताया कि वह बस स्टॉप पर खड़ी थी, तभी एक प्राइवेट बस वहां रुकी. उसने बस के अंदर खड़े एक व्यक्ति से समय पूछा, जिसके बाद उसे बस में आकर बात करने के लिए कहा गया. इसी दौरान वह बस में चढ़ गई और फिर उसके साथ दरिंदगी की घटना हुई.
CCTV में कैद हुई पूरी रात की कहानी
पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस रूट से बस गुजरी वहां जगहजगह सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे. फुटेज में बस लगातार चलती दिखाई दी. पुलिस के मुताबिक बस नांगलोई रेलवे स्टेशन के पास करीब 90 मिनट तक खड़ी रही. यही वह समय था जब महिला के साथ कथित तौर पर दरिंदगी हुई. घटना के बाद CCTV फुटेज के आधार पर बस की पहचान की गई.
इस मामले ने एक बार फिर 2012 के निर्भया केस की याद दिला दी है. उस वक्त भी चलती बस में एक युवती के साथ सामूहिक रेप हुआ था. अब 14 साल बाद दिल्ली फिर उसी तरह के सवालों से घिर गई है. लोग पूछ रहे हैं कि आखिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए गए दावे जमीन पर क्यों नहीं दिखते.
नेताओं ने उठाए कानून व्यवस्था पर सवाल
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने घटना को लेकर दिल्ली पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि रानीबाग जैसे इलाके में घंटों तक बस घूमती रही और महिला के साथ कथित गैंगरेप होता रहा लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी. उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे सिस्टम की विफलता को दिखाती है.
पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘हमने निर्भया से कुछ नहीं सीखा. यह घटना पूरे समाज पर एक धब्बा है.’ वहीं मनीष सिसोदिया ने इसे ‘दिल्ली में एक और निर्भया’ बताते हुए कहा कि राजधानी में लड़कियां न स्कूल में सुरक्षित हैं और न बसों में.



