Bihar

बिहार में बालगृह के बच्चों के लिए खुशखबरी! होटल मैनेजमेंट से कृषि तक फ्री ट्रेनिंग, नौकरी भी पक्की

Patna News: बिहार में बालगृहों में रहने वाले बच्चों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य बाल संरक्षण समिति ने एक महत्वपूर्ण पहल दोबारा शुरू की है. इस योजना के तहत अब बाल देखरेख संस्थानों में रहने वाले किशोरों और युवाओं को 14 विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे.

बिहार में बालगृह के बच्चों के लिए खुशखबरी! होटल मैनेजमेंट से कृषि तक फ्री ट्रेनिंग, नौकरी भी पक्की
बिहार में बालगृह के बच्चों के लिए खुशखबरी! होटल मैनेजमेंट से कृषि तक फ्री ट्रेनिंग, नौकरी भी पक्की

16 से 18 वर्ष के किशोरों को मिलेगा लाभ

समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित इस योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है, जो किसी कारणवश अपने परिवार से अलग होकर बालगृहों में रह रहे हैं. योजना का लाभ 16 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों और 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं को मिलेगा. यह योजना पिछले तीन वर्षों से बंद थी, जिसे अब फिर से लागू किया गया है.

इन 14 ट्रेड में फ्री ट्रेनिंग और नौकरी

प्रशिक्षण के लिए 14 अलगअलग क्षेत्रों का चयन किया गया है. इनमें होटल मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी, टूरिज्म, फूड एंड बेवरेज प्रोसेसिंग, ब्यूटी एंड वेलनेस, कार्गो और लॉजिस्टिक्स, बैंकिंग एवं बिजनेस, कंप्यूटर ऑपरेटर, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, टेक्सटाइल, पर्यावरण प्रबंधन, रेफ्रिजरेशन, योग एवं पीटी इंस्ट्रक्टर, कृषि और डेयरी आधारित कोर्स शामिल हैं.

इंटर्नशिप के दौरान मिलेगा 6 से 8 हजार स्टाइपेंड

प्रशिक्षण के बाद चयनित एजेंसियां युवाओं के लिए इंटर्नशिप और प्लेसमेंट की व्यवस्था करेंगी. इंटर्नशिप के दौरान उन्हें 6,000 से 8,000 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड भी दिया जाएगा. समिति के अनुसार, इस योजना के तहत पहले से 20 युवा बेंगलुरु के होटलों में काम कर रहे हैं.

एजेंसियों के लिए 50 लाख टर्नओवर अनिवार्य

योजना को संचालित करने वाली एजेंसियों को सरकार की ओर से वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी. उन्हें यह कार्यक्रम अपने संसाधनों या कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से चलाना होगा. एजेंसियों के लिए न्यूनतम 50 लाख रुपए वार्षिक टर्नओवर की शर्त रखी गई है.

लड़कियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध

लड़कियों और लड़कों के लिए अलगअलग आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. विशेष रूप से लड़कियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्यस्थलों पर महिला कर्मियों की उपलब्धता भी अनिवार्य होगी. बिहार राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह योजना जरूरतमंद बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित होगी.

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