तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. पुलिस ने बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की है. राज्य पुलिस ने राजीव सरकार नाम के एक सोशल एक्टिविस्ट की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की है. अभिषेक बनर्जी के खिलाफ राज्य पुलिस की तरफ से शायद यह पहली FIR है.

विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के अगले दिन 5 मई को राजीव सरकार ने बागुईआटी पुलिस स्टेशन में के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी.
उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्होंने चुनाव के दौरान कई जगहों पर भड़काऊ भाषण दिए थे. डीजे बजाने की बात कही थी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह धमकी दी थी. उन्होंने कई जगहों पर अभिषेक के भाषणों के लिंक जमा किए थे.
उस शिकायत के आधार पर पुलिस ने 5 धाराओं के तहत FIR दर्ज की है. बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी सफलता मिली है. चुनाव में जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में सरकार का गठन किया गया है. सरकार बनने के बाद से शुभेंदु अधिकारी एक्शन मूड में हैं.
जानें अभिषेक बनर्जी के खिलाफ क्या लगाए गए हैं आरोप
- एफआईआर में इंडियन पीनल कोड के तीन सेक्शन लगाए गये हैं. ये सेक्शन हैं BNS 192, BNS 196 , BNS 351/2 . साथ ही, रिप्रेजेंटेशन ऑफ पब्लिक एक्ट के दो सेक्शन भी लगाए गए हैं.
- इंडियन पीनल कोड का सेक्शन 192, बेलेबल है. इसके तहत दंगे भड़काने का चार्ज लगाया गया है.
- सेक्शन 196, नॉनबेलेबल, अलगअलग ग्रुप के बीच संबंध खराब करके नफरत फैलाना है.
- सेक्शन 351/2, नॉनबेलेबल, जान से मारने की धमकी देना, धमकी देकर लोगों की इज्जत और संबंध खराब करना.
- सेक्शन 353 बेलेबल है. झूठे, गुमराह करने वाले बयान और अफवाहें फैलाना.
- रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ द पीपल एक्ट के सेक्शन 123 और 125 लगाए गए हैं. चुनाव कैंपेन में अलगअलग बयान देकर लोगों और अलगअलग ग्रुप के बीच दबाव बनाना.
बता दें कि अभिषेक बनर्जी वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव होने के साथसाथ पार्टी में दूसरे नंबर के नेता हैं. वह पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं और अभिषेक बनर्जी ने चुनाव प्रचार के दौरान काफी सभाएं की थीं. उन पर सभाओं के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप पहले विपक्ष ने लगाया था और अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है.
इनपुट TV9 बांग्ला/दीक्षा भुइयां



