PetrolDiesel Price Calculation: ईरान युद्ध की आग अब भारत के घरों में पहुंच गई है. तमाम अटकलों के बाद आखिरकार तेल कंपनियों ने 15 मई को पेट्रोलडीजल के दाम में 3 रुपये की बढोतरी कर दी. 4 साल बाद भारत में पेट्रोलडीजल के दाम बढ़ाए गए हैं. हालांकि जिस तरह से कच्चे तेल की कीमत बढ़ रही है और तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है, उस मुकाबले पेट्रोलडीजल के दाम में मामूली बढ़ोतरी की गई है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारतीय तेल कंपनियां इंडियन ऑयल , ओएनजीसी , रिलायंस इंडस्ट्रीज , बीपीसीएल और एचपीसीएल को हर दिन 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से अभी भी पेट्रोलडीजल पर 2135 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है. इस घाटे के बावजूद तेल कंपनियों में 3 रुपये की मामूली बढ़ोतरी की है. अगर भारत के पड़ोसी देशों का हाल देखें तो आप भी इस बात पर यकीन कर लेंगे कि भारत में उस मुकाबले बहुत कम दाम बढ़ाए गए हैं. अब समझते हैं कि 3 रुपये की बढ़ोतरी से आप पर कितना बोझ पड़ेगा और कंपनियों का घाटा कितना कम होगा ?

पेट्रोलडीजल में 3 रुपये की बढ़ोतरी से आप पर कितना बोझ पड़ेगा ?
पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के डेटा के मुताबिक भारत में सालाना करीब 4750 करोड़ लीटर पेट्रोल खपत होता है. भारत में पेट्रोल की दैनिक खपत 13 करोड़ लीटर के करीब है. 147 करोड़ की आबादी वाले देश में प्रति व्यक्ति पेट्रोल की खपत करीब 2.8 लीटर प्रति महीना है. PPAC के डेटा के मुताबिक डीजल की सालाना खपत 10700 करोड़ लीटर डीजल है. आबादी के हिसाब से प्रति दिन 2930 करोड़ लीटर है. प्रति व्यक्ति के हिसाब से देखें तो महीने भर में एक व्यक्ति करीब 6.3 लीटर डीजल की खपत करता है.
हर भारतीय पर 27 रुपये महीने का बोझ
इस 3 रुपये की बढ़ोतरी से तेल कंपनियों को पेट्रोल से 14250 करोड़ रुपए और डीजल से करीब 32100 करोड़ रुपए अतिरिक्त अर्जित होंगे. अब आप पर पड़ने वाले बोझ की बात करें तो एक भारतीय हर महीने करीब 9 लीटर पेट्रोलडीजल लीटर की खपत करता है. 3 रुपये की बढ़ोतरी से उस पर मंथली करीब 27 रुपये का बोझ बढ़ेगा. सालाना बात करें तो 9*12= 108* 3= 324 रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा. यहां ये भी समझने की जरूरत है कि तेल के दाम बढ़ने से लॉजिस्टिक कॉस्ट, लिविंग कॉस्ट, इन्फ्लेशन सब बढ़ता है. आपके ट्रैवल से लेकर फूड का खर्च बढ़ जाएगा.
तेल कंपनियों ने सिर्फ 3 रुपये ही दाम क्यों बढ़ाए ?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी हुई लागत के चलते तेल कंपनियों को रोजाना 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. यानी मंथली नुकसान 30,000 करोड़ रुपये से अधिक का है. भारत की सरकारी तेल कंपनियों को हर लीटर पेट्रोलडीजल पर 2135 रुपये का नुकसान हो रहा था. 3 रुपये की बढ़ोतरी से इसमें मामूली राहत मिली है. इस नुकसान की पूरी भरपाई करने के लिए जितनी कीमत बढ़ाने की जरूरत थी. उतनी बढ़ोतरी नहीं हुई है. 3 रुपये की बढ़ोतरी से उसका केवल 10% हिस्सा ही कवर होगा. तेल कंपनियां अगर नुकसान की भरपाई के हिसाब से पेट्रोलडीजल के दाम बढ़ाए तो करीब 28 से 30 रुपये की बढ़ोतरी करनी होगी, जो एकाएक संभव नहीं है. सरकार और तेल कंपनियां आम आदमी पर इतना बोझ नहीं डाल सकती है. ऐसे में तेल कंपनियों ने मामूली बढ़ोतरी की है. कैलकुलेशन कहता है कि अगर तेल के दाम में हर 50 पैसे की हर बढ़ोतरी से कंपनियों के EBITDA सुधरता है. 3 रुपये की बढ़ोतरी से तेल कंपनियों के EBITDA में 7 से 11 फीसदी का सुधार होगा. चूंकि तेल कंपनियों ने 3 रुपये की बढ़ोतरी की है, ऐसे में तेल कंपनियों के मुनाफे में होने वाली इस बढ़त को ये तिगुना कर देगा.
अमेरिकाचीन में भी पेट्रोलडीजल के दाम में भारी बढ़ोतरी
ईरान युद्ध के बाद से पाकिस्तान में पेट्रोलडीजल के दाम में 55 फीसदी
मलेशिया में 56 फीसदी
अमेरिका में 45 फीसदी
चीन में 23 फीसदी
फ्रांस में 31 फीसदी
म्यांमार में 89 फीसदी
पाकिस्तान में 55 फीसदी
UAE में 52 फीसदी
श्रीलंका में 38 फीसदी
नेपाल में 38 फीसदी
ब्रिटेन 34 फीसदी
बांग्लादेश में 16 फीसदी
जापान में 9 फीसदी
भारत में 3 फीसदी
भारत में सबसे कम बढ़े दाम
भारत तेल का बड़ा आयातक देश है और अपनी जरूरत का 90 फीसदी तक विदेशों से आयात करता है.युद्ध की वजह से कच्चे तेल के दाम 70 से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुके हैं. लागत और शिपिंग कॉस्ट बढ़ रहा है, लेकिन भारत ने अब तक तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को रोककर रखा था.तेल कंपनियों को हो रहे घाटे की भरपाई के लिए एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की कटौती कर दी. अब तेल कंपनियों ने पेट्रोलडीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है. भारत ने टैक्स और सरकारी नियंत्रण के जरिए आम लोगों पर बोझ को काफी हद तक कम कर रखा है.
पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका का बुरा हाल
पाकिस्तान में पिछले 3 महीनों में पेट्रोल के दाम में कई बारह बढ़ोतरी की गई. आज वहां पेट्रोल 157.34 रुपये और डीजल 178.45 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.
नेपाल का हाल तो और भी बुरा है. अप्रैल 2026 में वहां एक ही महीने में चार बार तेल के दाम बढ़ाए गए. वहां पेट्रोल 123.58 रुपये रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गए हैं.
श्रीलंका में तेल संकट गहराता जा रहा है. वहां पेट्रोलडीजल पर राशनिंग सिस्टम लागू कर दिया गया है. कीमत की बात करें तो डीजल 382 रुपये और पेट्रोल 398 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है.
बांग्लादेश में पेट्रोल 140 टका प्रति लीटर और डीजल 130 टका प्रति लीटर पर पहुंच गया है. बांग्लादेश को तेल के लिए भारत से मदद मांगनी पड़ी है.



