Iran on India: ईरान का भारत पर काफी भरोसा है, कई बार उसने ऐसे संदेश दिए हैं जिनसे यह साबित हुई है. हाल ही में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक बार फिर भारत गहरे यकीन का इजहार किया है. अराघची ने शुक्रवार को कहा कि वेस्ट एशिया में बिगड़े हालात को कम करने में भारत ‘बड़ी भूमिका’ निभा सकता है. BRICS विदेश मंत्रियों की मीटिंग के बाद देश की राजधानी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, अराघची ने कहा कि तेहरान को हथियारों से लड़ने का कोई भविष्य नहीं दिखता. मैंने कहा है कि मौजूदा संकट का कोई मिलिट्री हल नहीं है और बातचीत से समझौता ही आगे बढ़ने का एकमात्र सही रास्ता है. भारत की मध्यस्थता के लिए तेहरान के खुलेपन पर जोर देते हुए, उन्होंने कहा,’हम भारत की किसी भी अच्छी भूमिका का स्वागत करेंगे.’

यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब 28 फरवरी को शुरू हुई दुश्मनी के बाद वेस्ट एशिया एक ठंडे, खतरनाक गतिरोध में फंसा हुआ है, जिसमें अमेरिका और इजरायल की सेनाएं ईरान के खिलाफ खड़ी हो गई थीं. हालांकि अभी सीजफायर नाजुक है, लेकिन इस इलाके की पहचान स्ट्रेटेजिक होर्मुज स्ट्रेट के अंदर समुद्री रस्साकशी से होती है. ग्लोबल कॉमर्स का यह जरूरी हिस्सा बदलते एनर्जी वॉर का मुख्य मैदान बन गया है. तेहरान की इकॉनमिक लाइफलाइन को कमजोर करने के लिए, US ने ईरानी पेट्रोलियम एक्सपोर्ट को रोकने के लिए एक सख़्त नेवल ब्लॉकेड लागू किया है. जवाबी कार्रवाई में, ईरान ने अपनी कड़ी पाबंदियां लगा दी हैं, जिससे ग्लोबल ट्रैफिक के लिए शिपिंग लेन कुछ हद तक बंद हो गई है.
अमेरिका पर भरोसे की कमी
मौजूदा समुद्री स्थिति को बहुत मुश्किल बताते हुए, अराघची ने कहा कि ईरान जहाजों के आनेजाने में मदद करने के लिए तैयार है, बशर्ते वे तेहरान के साथ युद्ध में न हों और सीधे ईरानी नेवी के साथ कोऑर्डिनेट करें. इस दोहरी पकड़ के नतीजे पूरी दुनिया में फैल गए हैं, जिससे इंटरनेशनल फ्यूल की कीमतों में भारी उछाल आया है. इससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट में लगातार, उतारचढ़ाव वाली रुकावट आई है क्योंकि यह टकराव रीजनल और ग्लोबल ट्रेड को बदल रहा है. इस बैकग्राउंड में, अराघची ने कहा कि यूनाइटेड स्टेट्स के साथ कोई भी पोटेंशियल बातचीत अभी भरोसे की कमी में है.
भारत जैसी बात किसी और देश में कहां
यह पहली बार नहीं है, जब ईरान ने भारत पर भरोसा जताया है. इससे पहले भी ईरानी नेताओं या फिर दूतों के जरिए भारत पर गहरे विश्वास की बात कही गई है. भारत में मौजूद ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि, डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने भारत और भारतीयों को लेकर जज्बाती बयान दिया है. उन्होंने आगे कहा कि आप भारत में कहीं भी जाएं, आपको लोगों में दयालुता, ईमानदारी, गरिमा और इंसानियत देखने को मिलेगी. इस मौके पर उन्होंने दोनों देशों के बीच इस्लामाबाद में हुई मीटिंग पर भी बड़ी प्रतिक्रिया दी है.
भारत के लोगों ने दिया करोड़ों का दान
बता दें कि अमेरिका के साथ जंग के दौरान भारत के लोगों ने ईरान को करोड़ों रुपये का चंदा भी दिया था. चंदे देने आने वाले लोगों ने सिर्फ कैश, बल्कि सोनेचांदी या फिर पीतलतांबे के बर्तन भी दान किए. इसके अलावा मासूम बच्चों ने भी अपनी गुल्लकें तोड़कर, उसमें मौजूद पैसे ईरान के नाम दान कर दिए. भारत में मौजूद ईरानी दूतावास ने भी इन तस्वीरों शेयर कर भारत के लिए भावुक पैगाम लिखा था.



