आप जानते हैं कि आपकी इम्यूनिटी और मानसिक सेहत का संबंध काफी हद तक आपकी आंतों से जुड़ा होता है। खराब खानपान और अनियमित लाइफस्टाइल के कारण आंतों में मौजूद ‘गुड बैक्टीरिया’ की संख्या कम होने लगती है और खराब बैक्टीरिया में बढ़ोतरी होती है जिसका सीधा असर आपकी पाचन प्रक्रिया पर होता है। इतना ही नहीं खराब बैक्टीरिया शरीर की ऊर्जा और इम्यूनिटी पर भी नकारात्मक असर डाल सकतें हैं। Atiya Herbs की डाइट और हेल्थ एक्सपर्ट Aleena Khan ने बताया गट हेल्थ और ब्रेन हेल्थ एकदूसरे से जुड़े हुए हैं।

हमारी इम्युनिटी और मानसिक सेहत का रास्ता आंतों से होकर गुजरता है। खराब खानपान के कारण आंतों में ‘गुड बैक्टीरिया’ कम होने लगते हैं, जिससे पाचन और ऊर्जा पर बुरा असर पड़ता है। लेकिन कुछ खास सुपरफूड्स इस संतुलन को दोबारा बनाने में जादुई भूमिका निभा सकते हैं। आइए हेल्थ एक्सपर्ट्स से जानते हैं उन 4 फूड्स के बारे में जो आपकी गट हेल्थ को दुरुस्त कर आपको अंदर से फिट बनाएंगे।
दही खाएं गुड बैक्टीरिया बढ़ेंगे पाचन बेहतर होगा
Curd में मौजूद प्रोबायोटिक्स यानी अच्छे बैक्टीरिया पेट की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। ये आंतों में बैक्टीरिया का संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं, जिससे खाना बेहतर तरीके से पचता है। दही कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं को कम करने में भी सहायक हो सकता है। गर्मियों में दही शरीर को ठंडक देने का काम करता है और इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में भी मदद करता है। रोजाना सीमित मात्रा में ताजा दही खाना पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में फायदेमंद माना जाता है।
छाछ खाएं, पेट और डाइजेशन में होगा सुधार
Buttermilk एक हल्का और आसानी से पचने वाला पेय है, जो पेट को ठंडक पहुंचाने में मदद करता है। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स और पोषक तत्व पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं और पेट में भारीपन महसूस नहीं होने देते। मसालेदार या तलाभुना भोजन खाने के बाद छाछ पीने से गैस, एसिडिटी और जलन जैसी परेशानियों में राहत मिल सकती है। इसमें भुना जीरा या पुदीना मिलाकर पीने से इसका स्वाद और फायदे दोनों बढ़ जाते हैं। गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए भी छाछ अच्छा विकल्प है।
केला खाएं आसानी से पचेगा
Banana एक ऐसा फल है जो ऊर्जा देने के साथसाथ पाचन के लिए भी अच्छा माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर आंतों की गतिविधि को बेहतर बनाता है और कब्ज की समस्या को कम करने में मदद करता है। केला पेट पर भारी नहीं पड़ता, इसलिए इसे आसानी से पचाया जा सकता है। दस्त या कमजोरी की स्थिति में भी डॉक्टर अक्सर केला खाने की सलाह देते हैं क्योंकि यह शरीर को जरूरी मिनरल्स और एनर्जी देता है। नियमित रूप से सीमित मात्रा में केला खाने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है।
मेथी खाएं पेट की सूजन और गैस कम करेगी
Fenugreek यानी मेथी में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। मेथी के दाने पेट में बनने वाली अतिरिक्त गैस और सूजन को कम करने में सहायक माने जाते हैं। सुबह खाली पेट भिगोई हुई मेथी खाने या इसका पानी पीने से कई लोगों को पाचन संबंधी परेशानियों में राहत मिलती है। यह मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने और ब्लड शुगर कंट्रोल में भी मददगार हो सकती है। हालांकि, अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी और एक्सपर्ट की राय पर आधारित है। हर व्यक्ति का शरीर और उसकी पाचन क्षमता अलग होती है। यदि आप पेट की किसी गंभीर बीमारी जैसे IBS, अल्सर या क्रोनिक एसिडिटी, एलर्जी या किसी विशेष मेडिकल कंडीशन से गुजर रहे हैं, तो इन खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले किसी प्रमाणित डॉक्टर या गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट की सलाह जरूर लें।



