मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट से रॉबर्ट वाड्रा को बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है. रॉबर्ट वॉड्रा को कोर्ट ने 50 हजार के बेल बॉन्ड और श्योरिटी पर जमानत दी है. वाड्रा ने कहा कि उन्हें न्यायलय पर पूरा भरोसा है. कुछ छुपाने जैसा नहीं है, जो भी सवाल पूछे जाएंगे कोर्ट में उसका जवाब दूंगा. उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि ईडी सरकार के इशारे पर काम करती है बस उसको झेलना है.

इस मामले में अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी. गुरुग्राम के शिकोहपुर लैंड स्कैम से जुडे मनी लॉन्ड्रिंग के मामले मे रॉबर्ट वाड्रा राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए. राऊज एवेन्यू कोर्ट ने वाड्रा के खिलाफ दाखिल ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेकर रावर्ट वाड्रा को समन किया है. वाड्रा के वकील ने कहा कि जमानत का कोई सवाल नहीं बनता क्योंकि हम कभी गिरफ्तार नहीं हुए थे. हमें रिलीज कर दिया जाए.
2 हफ्ते का मांगा समय
ED ने वाड्रा को अरेस्ट किए बिना केस में चार्जशीट फाइल कर दी थी. ED के वकील जोहेब हुसैन ऑनलाइन पेश हुए और कोर्ट को बताया कि ED एक स्टेटस रिपोर्ट फाइल कर रही है और आगे की जांच करने के बाद एक और स्टेटस रिपोर्ट फाइल करने के लिए 2 हफ्ते का समय भी मांगा. उन्होंने कोर्ट को बताया कि आरोपियों ने कॉग्निजेंस के ऑर्डर को भी चैलेंज किया है.
क्या है मामला?
ये केस सितंबर 2018 में दर्ज एक FIR से जुड़ा है, जिसमें गुरुग्राम के शिकोहपुर में 3.5 एकड़ जमीन के एक अनियमित सौदे का आरोप है. ED के मुताबिक, वाड्रा की कंपनी ने फरवरी 2008 में ओमकारेश्वर प्रॉपर्टीज से ये जमीन 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी और बाद में इसे DLF को 58 करोड़ रुपये में बेच दिया था. एजेंसी को शक है कि इस सौदे से जो पैसा मिला, वो मनी लॉन्ड्रिंग के एक ऑपरेशन का हिस्सा था और इसलिए उसने इस पैसे के लेनदेन की जांच शुरू कर दी. जुलाई 2025 में ED की तरफ से दायर की गई अभियोजन शिकायत में वाड्रा के साथसाथ कई दूसरे व्यक्तियों और संस्थाओं के नाम शामिल थे.



