बिहार के रक्सौल में नाम बदलकर युवती को प्यार में फंसाने, फर्जी आधार कार्ड बनवाकर यौन शोषण करने और गर्भवती होने पर छोड़ने का मामला सामने आया है. हसरे आलम नामक युवक पर आरोप है कि उसने अपना धर्म और नाम छुपाकर एक युवती को प्रेमजाल में फंसाया और फिर फर्जी आधार कार्ड बनवाकर संगीता पासवान से सानिया खातून बना दिया. आरोप है कि हसरे आलम ने युवती का यौन शोषण किया और गर्भवती होने के बाद उसे छोड़ दिया.

आदापुर प्रखंड के कचुरवारी गांव के हसरे आलम की मुलाकात रील्स बनाने के दौरान संगीता पासवान से हुई थी. आरोप है कि हसरे आलम ने अपना असली नाम और धर्म छुपाकर खुद को राज बताया और फिर संगीता को अपने प्रेमजाल में फंसा लिया. युवती का विश्वास जीतने के लिए वह बिहार से नेपाल के जनकपुर स्थित मंदिरों में जाकर पूजापाठ भी करता था. खुद को हिंदू युवक दिखाने के लिए उसने पूरा दिखावा किया.
इसके बाद युवती की पहचान बदलकर एक फर्जी आधार कार्ड बनवाया गया, जिसमें संगीता पासवान को सानिया खातून दिखाया गया. आरोप है कि बाद में उसने युवती का यौन शोषण किया और गर्भवती होने पर अपनी असली पहचान बताते हुए कहा कि वह राज नहीं बल्कि हसरे आलम है और पहले से शादीशुदा है.
पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद उस पर हिंदू धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म अपनाने तथा रोजानमाज करने का दबाव बनाया जाने लगा. जब युवती इसके लिए तैयार नहीं हुई तो आरोपी उसे छोड़कर चला गया. फिलहाल महिला स्वच्छ रक्सौल संस्था के महिला शेल्टर होम में रह रही है. युवती गर्भवती है और संस्था उसकी देखरेख कर रही है.
इस मामले में स्वच्छ रक्सौल संस्था के संचालक रंजीत सिंह का कहना है कि युवती के साथ बहुत गलत हुआ है. उन्होंने लड़कियों से अपील की कि किसी भी रिश्ते में पड़ने से पहले संबंधित व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी जरूर जुटा लें.
संस्था की सहसंचालक शबरा खातून ने कहा कि झूठ बोलकर प्रेम संबंध बनाना और किसी की पहचान बदलना बहुत गलत है. उन्होंने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है.



