केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने हैदराबाद की एक कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है. उन्होंने अदालत से मांग की है कि उनके बेटे बंदी भगीरथ से जुड़े सभी तरह के कंटेंट चाहे सैटेलाइट टीवी चैनलों, यूट्यूब और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रहा हो उसे हटाया जाए. ये सभी वहीं कंटेंट होंगे जो उनके मामलों से जुड़े हुए होंगे. संजय कुमार के वकील ने कहा है कि जो कोई निर्देशों का पालन नहीं करेगा उन पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, वकील ने कहा कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर ‘कोर्ट की अवमानना’ मानी जाएगी और जो भी शक्स इस आदेश का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ अदालत की अवमानना से जुड़े प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी.मंत्री ने सिटी सिविल कोर्ट में दायर अपनी याचिका में डिजिटल प्लेटफॉर्म और मीडिया हाउस को निर्देश देने की मांग की है कि वे इस तरह के सभी कंटेंट को हटाने का निर्देश दें और कथित तौर पर मानहानिकारक कंटेंट को आगे बढ़ने से पूरी तरह रोकें.
कंटेंट को सोशल मीडिया से हटाने की अपील
वकील करुणासागर ने बताया, ‘पहले आवेदन में सभी डिजिटल मीडिया चैनलों खासतौर पर से सैटेलाइट चैनलों के साथसाथ यूट्यूब, फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्स को निर्देश देने की मांग की है. इन निर्देशों में कहा गया है कि वे बंदी संजय कुमार के बेटे से जुड़े मामले में उनके खिलाफ किसी भी तरह की मानहानिकारक कंटेंट का न तो प्रसारण करें और न ही उसे प्रकाशित करें.’
एडवोकेट करुणासागर ने दो अंतरिम अपील का जिक्र करते हुए कहा कि गृह राज्य मंत्री कुमार द्वारा दायर याचिका मानहानि के मुकदमे का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि दूसरे अंतरिम आवेदन में उन सभी कंटेंट को तुंरत हटाने का अनुरोध किया गया है, जो पिछले एक हफ्ते में सोशल मीडिया चैनलों और दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित किया जा रहा है. अदालत ने निर्देश देते हुए कहा कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी.
बेटे पर क्या है आरोप?
ये मामला कुमार के बेटे बंदी भगीरथ पर लगे पॉक्सो केस से जुड़ा है. एक 17 साल की लड़की की मां ने आरोप लगाया है कि भगीरथ उसकी बेटी से प्रेम करता था और उस दौरान उसने यौन उत्पीड़न किया. बीते 8 मई को भगीरथ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और 75 के तहत शर्मनाक हरकत करने और यौन उत्पीड़न के आरोप में POCSO एक्ट की धारा 11 और 12 के तहत केस दर्ज किया गया था.
यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद भगीरथ ने अग्रिम जमानत के लिए तेलंगाना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. लेकिन तेलंगाना हाई कोर्ट ने उसे बड़ा झटका देते हुए गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा देने से मना कर दिया. न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, जस्टिस टी माधवी देवी ने शुक्रवार शाम को कुमार के बेटे बांदी भगीरथ की अंतरिम अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई फिर से शुरू करते हुए कहा कि वह केस के इस स्टेज में कोई भी अंतरिम आदेश देने के पक्ष में नहीं हैं.
भगीरथ के वकील ने आदेश जारी होने तक गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा का अनुरोध किया. कोर्ट ने भी आधी रात तक सुनवाई करने को फैसला किया. साथ ही कोर्ट ने संकेत दिया कि अगले वैकेशन कोर्ट के दिन आदेश जारी किए जाएंगे.



