India

तीन राज्य और एक ही कहानी… NEET एग्जाम रद्द होने के बाद प्रेशर में छात्र, कैसे निकलें बाहर?

नीटयूजी 2026 पेपर लीक मामला इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है. एक तरफ इस मामले की जांच तेज हो गई है, तो दूसरी तरफ परीक्षा रद्द होने से छात्रों में निराशा है. आलम ये है कि इस सदमे से कुछ छात्रों ने आत्महत्या भी कर ली. जिससे उनके परिवार में मातम छाया हुआ तो वहीं इस मामले ने सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

तीन राज्य और एक ही कहानी… NEET एग्जाम रद्द होने के बाद प्रेशर में छात्र, कैसे निकलें बाहर?
तीन राज्य और एक ही कहानी… NEET एग्जाम रद्द होने के बाद प्रेशर में छात्र, कैसे निकलें बाहर?

नीट एग्जाम रद्द होने की वजह से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर, राजस्थान के सीकर और दिल्ली के एक छात्र ने सुसाइड कर लिया. जानकारी के मुताबिक प्रदीप मेघवाल जो पिछले 3 साल से सीकर में रहकर तैयारी कर रहा था, परीक्षा रद्द होने के प्रेशर से उन्होंने अपनी जान दे दी.

सीकर में प्रदीप मेघवाल ने दी जान

बताया जा रहा है कि प्रदीप मेघवाल सीकर में अपनी दो बहनों के साथ रहता था. वो झुंझुनू का रहने वाला था और सीकर में कोचिंग करता था. उसके परिवार का दावा है कि इस बार प्रदीप का पेपर काफी अच्छा गया था और उसे उम्मीद थी कि उसे इस बार सफलता जरूर मिलेगी. परिवार ने कहा कि परीक्षा रद्द होने से प्रदीप टेंशन में था और उसने आत्महत्या कर ली.इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया.

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने जताया दुख

वहीं कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने प्रदीप मेघवाल की मौत पर अफसोस जताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि पेपर लीक की वजह से बच्चे तनाव में हैं, जिसकी वजह से आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं.

लखीमपुर में ऋतिक मिश्रा की आत्महत्या

वहीं उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में ऋतिक मिश्रा ने छात्र ने आत्महत्या कर ली. परिजनों ने बताया कि ऋतिक नीट की परीक्षा रद्द होने से काफी परेशान था. सदर कोतवाली इलाके के गंगोत्री नगर मोहल्ले का रहने वाले ऋतिक ने कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली. परिजनों के मुताबिक जब से नीट परीक्षा रद्द होने की खबरें आईं थी तभी से वो काफी परेशान था और गुरुवार को उसने कमरे में फंदे पर लटककर अपनी जान दे दी.

‘नीट परीक्षा पास करने का तीसरा प्रयास था’

21 वर्षीय छात्र ऋतिक के पिता अनूप मिश्रा न बताया कि यह उनके बेटे का नीट परीक्षा पास करने का तीसरा प्रयास था. वह पिछले दो प्रयासों की कमियों को सुधार कर दिन रात मेहनत कर रहा था. उसे उम्मीद थी कि इस बार उसे सफलता जरूर मिलेगी, लेकिन पेपर रद्द हो गया. तीन बार से लगातार मेहनत कर रहे छात्र की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है.

दिल्ली में छात्रा अंशिका ने किया सुसाइड

इधर दिल्ली में भी एक छात्रा अंशिका के आत्महत्या करने का मामला सामने आया है. दिल्ली के आजादपुर में शुक्रवार को 20 साल की नेट एस्पिरेंट छात्रा ने सुसाइड कर लिया. हालांकि उसके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन परिवार को शक है कि पेपर रद्द होने की वजह से उसने ऐसा कदम उठाया.

पेपर रद्द होने से तनाव में थी अंशिका

परिवार का कहना है कि अंशिका को इस साल अच्छे रैंक की पूरी उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने की खबर ने उसे अंदर से तोड़ दिया. परिजनों के मुताबिक जैसे ही पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की खबर सामने आई, अंशिका सदमे में चली गई.वह तनाव में रहने लगी. मृतका के मामा मुनीश पांडेय ने बताया कि उसका पेपर अच्छा हुआ था, लेकिन पेपर कैंसिल होने की खबर ने उसे अंदर से तोड़ दिया और उसने यह कदम उठा लिया.

राहुल गांधी का हमला

इस घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और छात्रों की मानसिक सेहत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इधर इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमा गई है. विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ने नीट परीक्षा रद्द होने से छात्रों की आत्महत्या को सिस्टम द्वारा हत्या बताया है. उन्होंने पेपर लीक के लिए भ्रष्ट व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की. वहीं वहीं सपा प्रमुख अखिलेश ने भी सरकार को घेरा.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply