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अभी अभीः चांदी पर मोदी सरकार ने ले लिया बडा फैसला! नियम बदले-जानें पूरी खबर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शनिवार को चांदी की 3 कैटेगरी के आयात पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। सरकारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब 99.9% शुद्धता वाली सिल्वर बार अनरॉट सिल्वर या चांदी पाउडर को विदेश से मंगाने के लिए सरकार की अनुमति लेनी होगी।

अभी अभीः चांदी पर मोदी सरकार ने ले लिया बडा फैसला! नियम बदले-जानें पूरी खबर
अभी अभीः चांदी पर मोदी सरकार ने ले लिया बडा फैसला! नियम बदले-जानें पूरी खबर

पहले इनका आयात आसानी से किया जा सकता था, लेकिन अब इन्हें ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया गया है। सरकार ने यह फैसला पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच लिया है, ताकि सोनाचांदी के आयात पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सके। इससे पहले सरकार ने सोना और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी भी 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया था।

इस फैसले का असर आसान सवालजवाब में समझते हैं…

सवाल 1: सरकार ने चांदी के इम्पोर्ट को लेकर क्या नया आदेश जारी किया है?

जवाब: सरकार ने नए नोटिफिकेशन के जरिए चांदी की कई कैटेगरीज के आयात नियम सख्त कर दिए हैं। अब तक चांदी का इम्पोर्ट ‘फ्री’ कैटेगिरी में था, जिसे बदलकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगिरी में डाल दिया गया है।

सवाल 2: इस पाबंदी के दायरे में चांदी के कौनकौन से प्रोडक्ट्स आएंगे?

जवाब: नए नियमों के तहत अब कोई भी कंपनी या कारोबारी सिल्वर बार , अनरॉट सिल्वर , चांदी का पाउडर या सेमीमैन्युफैक्चरर्ड सिल्वर सीधे भारत नहीं ला सकेगा।

सवाल 3: अगर कोई चांदी भारत मंगाना चाहता है, तो अब उसका क्या तरीका होगा?

जवाब: अब चांदी का इम्पोर्ट करने के लिए कंपनियों को सरकार से लाइसेंस लेना होगा। इसके बिना कस्टम क्लीयरेंस नहीं मिलेगा। साथ ही, चांदी की कुछ खास कैटेगरीज को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की निगरानी के दायरे में भी लाया गया है।

सवाल 4: सरकार को चांदी के इम्पोर्ट पर अचानक यह प्रतिबंध क्यों लगाना पड़ा?

जवाब: इसका मुख्य उद्देश्य कीमती धातुओं के तेजी से बढ़ते आयात को रोकना है। बढ़ते इम्पोर्ट से देश का इम्पोर्ट बिल और व्यापार घाटा बढ़ रहा है। इसे कंट्रोल करने और विदेशी बाजार के दबाव के बीच रुपये को मजबूती देने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।

सवाल 5: एक्सपोर्टर्स के लिए ‘एडवांस ऑथराइजेशन’ स्कीम में क्या बदलाव हुआ है?

जवाब: विदेश व्यापार महानिदेशक ने इस स्कीम के तहत ड्यूटीफ्री सोना मंगाने के नियम सख्त कर दिए हैं। अब कोई भी एक्सपोर्टर एक लाइसेंस पर अधिकतम 100 किलोग्राम तक ही सोना इम्पोर्ट कर पाएगा। इससे ज्यादा सोना मंगाने की अनुमति नहीं होगी।

सवाल 6: जो लोग पहली बार ड्यूटीफ्री सोने के लिए अप्लाई कर रहे हैं, उनके लिए क्या नियम है?

जवाब: नए आवेदकों के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। पहली बार अप्लाई करने वाले एक्सपोर्टर्स को अप्रूवल से पहले अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी या फैक्ट्री की भौतिक जांच करानी होगी। अधिकारियों की मंजूरी के बाद ही लाइसेंस जारी होगा।

सवाल 7: पुराने एक्सपोर्टर्स जो दोबारा लाइसेंस चाहते हैं, उनके लिए क्या शर्त है?

जवाब: DGFT ने रिपीट आवेदकों के लिए भी नियम सख्त किए हैं। नया या फ्रेश ऑथराइजेशन तभी जारी होगा, जब कंपनी पिछले लाइसेंस के तहत मिली कुल एक्सपोर्ट देनदारी का कम से कम 50% पूरा कर चुकी हो।

सवाल 8: टैक्सफ्री सोना मंगाने वाली कंपनियों की निगरानी कैसे की जाएगी?

जवाब: कंपनियों को हर 15 दिन में अपने इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट ट्रांजैक्शन की रिपोर्ट देनी होगी। इसे चार्टर्ड अकाउंटेंट से सर्टिफाइड कराना अनिवार्य होगा। क्षेत्रीय अधिकारी इसकी कंसोलिडेटेड मंथली रिपोर्ट बनाकर DGFT मुख्यालय को भेजेंगे।

सवाल 9: देश में सोने का इम्पोर्ट इस समय किस स्तर पर पहुंच गया है?

जवाब: साल 202526 में भारत का गोल्ड इम्पोर्ट 24% से ज्यादा बढ़कर रिकॉर्ड $71.98 अरब पर पहुंच गया है। इस दौरान सोने की मात्रा में थोड़ी कमी आई, लेकिन ग्लोबल मार्केट में कीमतें बढ़ने से कुल बिल बढ़ गया। भारत सबसे ज्यादा सोना स्विट्जरलैंड से मंगाता है। इसके बाद यूएई और दक्षिण अफ्रीका का नंबर आता है।

सवाल 10: सरकार के इन सख्त फैसलों पर ज्वेलरी इंडस्ट्री का क्या कहना है?

जवाब: ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी काउंसिल समेत कई इंडस्ट्री बॉडीज ने इस पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इम्पोर्ट ड्यूटी 15% करने और चांदी पर प्रतिबंध लगाने से ग्रेमार्केट सक्रिय हो सकता है। इससे सोनेचांदी की स्मगलिंग बढ़ने और ईमानदार कारोबारियों को नुकसान होने की आशंका है।

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