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Tata के आगे महिंद्रा के भी छूटे पसीने, इलेक्ट्रिक कार बेचने में लिख दिया इतिहास

Tata के आगे महिंद्रा के भी छूटे पसीने, इलेक्ट्रिक कार बेचने में लिख दिया इतिहास

Tata Motors Milestone: महिंद्रा और टाटा मोटर्स के बीच भारतीय सड़कों पर जंग पुरानी है, लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की रेस में टाटा मोटर्स ने एक ऐसा कीर्तिमान रच दिया है जिसे छू पाना फिलहाल किसी भी कंपनी के लिए बड़ी चुनौती है. हाल ही में टाटा मोटर्स ने भारतीय बाजार में 2.5 लाख (2,50,000) इलेक्ट्रिक गाड़ियां बेचने का धमाकेदार आंकड़ा पार कर लिया है.

रच दिया इतिहास
Nexon.ev ने ये आंकड़ा छूने में यहां बड़ा रोल प्ले किया है. इसने भारतीय ग्राहकों के मन से ‘रेंज’ और ‘भरोसे’ का डर पूरी तरह निकाल दिया. नेक्सन ईवी भारत की पहली ऐसी इलेक्ट्रिक कार बन गई है जिसकी कुल बिक्री 1 लाख यूनिट के पार पहुंच गई है. साल 2020 में अपनी पहली मेनस्ट्रीम इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करने के बाद से टाटा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. आज कंपनी के पास टियागो ईवी से लेकर पंच, नेक्सन, कर्व और हैरियर ईवी तक का एक बड़ा पोर्टफोलियो है, जो हर बजट और पसंद के ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करता है. टाटा ने इलेक्ट्रिक कार को अमीरों के गैरेज से निकालकर आम भारतीय मध्यमवर्गीय परिवार की पहली पसंद बनाने का काम किया है.

चार्जिंग पॉइंट्स
इलेक्ट्रिक कार खरीदने वाले ग्राहक के मन में सबसे बड़ा सवाल ‘चार्जिंग’ को लेकर होता है, और टाटा ने इस मामले में बड़ा कदम उठाया है. टाटा के नेटवर्क में अब तक 2 लाख से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स शामिल हो चुके हैं, जिसमें घर की चार्जिंग और सार्वजनिक स्टेशन दोनों शामिल हैं. कंपनी ने देश के प्रमुख हाईवे और रास्तों पर 100 मेगा चार्जिंग हब शुरू किए हैं, जहां सुपरफास्ट चार्जिंग की सुविधा मिलती है. इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले ड्राइवरों को यह भरोसा मिलता है कि वे बिना रुके कहीं भी जा सकते हैं. टाटा का चार्जिंग एग्रीगेटर आज देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है, जो करीब 20,000 सार्वजनिक चार्जिंग पॉइंट्स को एक साथ जोड़ता है.

ऐसा लग रहा है कि टाटा मोटर्स अभी रुकने वाली नहीं है. साल 2026 तक कंपनी Sierra.ev और नई Avinya जैसे बड़े नामों को बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है. ‘अविन्या’ सीरीज की गाड़ियां न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर तकनीक और डिजाइन के नए मानक स्थापित करेंगी. वित्त वर्ष 2030 तक कंपनी का लक्ष्य 5 नए इलेक्ट्रि ब्रांड्स पेश करने का है, जो पूरी तरह से भारतीय स्थिति को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएंगे. टाटा मोटर्स का यह ‘मिशन ईवी’ न केवल प्रदूषण कम करने की दिश में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के उस सपने को भी सच कर रहा है जहां भविष्य की तकनीक हमारी अपनी धरती पर विकसित हो रही है.

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