
MS Dhoni Spotted Leaving Salman Khan’s Birthday: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने हाल ही में महाराष्ट्र के पनवेल में आयोजित बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की 60वीं बर्थडे पार्टी में शामिल हुए। अपनी निजी जिंदगी को सुर्खियों से दूर रखने वाले धोनी का इस तरह सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखना फैंस के लिए खास रहा।
दो बार विश्व कप विजेता कप्तान धोनी इस प्राइवेट इवेंट में अपनी पत्नी साक्षी और बेटी जीवा के साथ पहुंचे। यह पार्टी पूरी तरह निजी थी, जिसमें परिवार के सदस्य और कुछ करीबी दोस्त ही शामिल हुए थे। धोनी के पार्टी में आने और निकलने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां फैंस सलमान खान के साथ उनकी दोस्ती को लेकर जमकर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
| Maharashtra | Former Captain of the Indian Cricket Team Mahendra Singh Dhoni leaves after attending actor Salman Khan's 60th birthday party at Panvel.
— ANI (@ANI)
हालांकि धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन वे अब भी (CSK) के लिए इंडियन प्रीमियर लीग में खेलते नजर आते हैं। उनके भविष्य को लेकर लगातार अटकलें लगती रहती हैं, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि वह अगले IPL सीजन में भी पीली जर्सी में नजर आएंगे।
झारखंड क्रिकेट को मजबूत बनाने के लिए अग्रसर हैं धोनी
44 वर्षीय धोनी फिलहाल रांची में रहते हैं और झारखंड क्रिकेट से उनका जुड़ाव अब भी बेहद मजबूत है। (JSCA) के जॉइंट सेक्रेटरी शाहबाज नदीम ने हाल ही में खुलासा किया कि धोनी न केवल टीम के मामलों में रुचि लेते हैं, बल्कि कोचिंग स्टाफ की नियुक्ति जैसे अहम फैसलों में भी मार्गदर्शन देते हैं।
नदीम ने ESPNcricinfo से बातचीत में कहा कि सीजन की शुरुआत से ही हमने कोचिंग स्टाफ की नियुक्ति सहित हर अहम फैसले में धोनी की सलाह ली। उन्हें झारखंड टीम में गहरी दिलचस्पी है और वे चाहते हैं कि टीम अच्छा प्रदर्शन करे। उन्होंने आगे बताया कि धोनी ने हाल ही में संपन्न सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी को बेहद करीब से फॉलो किया, जिसमें झारखंड ने फाइनल में हरियाणा को हराकर इतिहास रचते हुए अपना पहला खिताब जीता।
नदीम ने कहा कि धोनी ने पूरे टूर्नामेंट को ध्यान से देखा, खिलाड़ियों की ताकत और कमजोरियों पर चर्चा की और उन्हें हर घरेलू खिलाड़ी के आंकड़े तक याद हैं। धोनी की यह सक्रिय भागीदारी न केवल झारखंड क्रिकेट बल्कि भारतीय घरेलू क्रिकेट के लिए भी बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।



