
Gangster Vinay Tyagi: हरिद्वार के लक्सर गोलीकांड में घायल कुख्यात गैंगस्टर विनय त्यागी की 66 घंटे के बाद ऋषिकेश एम्स में मौत हो गई। त्यागी की हत्या को लेकर उसके परिजनों ने देहरादून और हरिद्वार पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। करीब पांच घंटे तक एम्स में डॉक्टरों के पैनल ने त्यागी के शव का पोस्टमार्टम किया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई। गैंगस्टर विनय त्यागी पूरे वेस्ट यूपी का कुख्यात अपराधी था। उसके नाम हत्या समेत यूपी और उत्तराखंड के विभिन्न थानों में 57 मुकदमें दर्ज थे। उसने पहली बार 16 साल की उम्र में डबल मर्डर किया था।
वेस्ट यूपी का कुख्यात गैंगस्टर
गैंगस्टर विनय त्यागी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपराध जगत का बड़ा नाम था। हत्या, लूट और रंगदारी समेत तमाम अपराध विनय त्यागी के नाम पर दर्ज है। इससे साफ जाहिर है कि उसकी दुश्मनी भी काफी रही होगी, लेकिन कुख्यात विनय त्यागी पर जेल से पेशी पर ले जाते समय हुए हमले और उपचार के दौरान हुई मौत के मामले में पुलिस एक तरह से पूरा खुलासा कर चुकी है। शूटर भी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं, लेकिन जानकारों की माने तो कुख्यात विनय त्यागी की हत्या का मामला जैसे दिख रहा है, वैसा है नहीं। करोड़ों रुपये की एक बेनामी संपत्ति के दस्तावेजों से जोड़कर इस मामले को देखा जा रहा है। पूरा मामला पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुड़ा बताया जा रहा है।
मेरठ में देर रात अंतिम संस्कार
कुख्यात गैंगस्टर विनय त्यागी उर्फ टिंकू त्यागी का शव शनिवार देर शाम मेरठ के जागृति विहार सेक्टर-एक स्थित उसके आवास पर पहुंचा। शव के पहुंचते ही पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सीओ सिविल लाइन के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस प्रशासन के अनुसार विनय त्यागी का अंतिम संस्कार देर रात परिजनों की मौजूदगी में किया गया।
देवबंद सीट से चुनाव भी लड़ चुका
विनय की मौत की सूचना के बाद गांव मुजफ्फनगर स्थित खाईखेड़ी में शोक का माहौल है। शनिवार को उसके गांव स्थित घर पर ताला लटका मिला। बताया जाता है कि विनय त्यागी की पत्नी निशी त्यागी पुरकाजी ब्लॉक से दो बार ब्लॉक प्रमुख रह चुकी हैं। विनय त्यागी स्वयं भी राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रह चुका था। एक बार देवबंद विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुका था।
1996 में दो कत्ल में नाम आने पर अपराध में एंट्री
मुजफ्फरनगर के खाईखेड़ी गांव का गैंगस्टर विनय त्यागी उर्फ टिंकू पर यूपी और उत्तराखंड के विभिन्न थानों में 57 मुकदमे दर्ज थे। आरोपी का मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और देहरादून में प्रॉपर्टी के विवादित मामलों में दखल था। सियासत के मैदान में उतरने की ख्वाहिश रही। अपराध की राह पकड़ी तो साल 1996 में खाईखेड़ी में प्रेम-प्रसंग को लेकर हुए विवाद के बाद संदीप उर्फ टोनी और उसके बहनोई गाजियाबाद के पिलखुआ निवासी प्रदीप की हत्या में नाम आया था। मुजफ्फरनगर में छपार, पुरकाजी, नई मंडी थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं।
यूपी पुलिस गैंगवार की आशंका से अलर्ट
कुख्यात विनय त्यागी की मौत के बाद गैंगवार की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए पुलिस चौकन्नी हो गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश पुलिस भी पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। 24 दिसंबर को रुड़की जेल से लक्सर कोर्ट ले जाते समय विनय त्यागी पर पुलिस अभिरक्षा में बाइक सवार दो बदमाशों ने गोलियां बरसा दी थी। ऋषिकेश एम्स में उपचार के दौरान त्यागी की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस दोनों शूटर सन्नी और अजय को जेल भेज चुकी है। त्यागी पर हमले के बाद से ही आशंका जताई जा रही थी कि अब गैंगवार हो सकती है। त्यागी पश्चिमी यूपी का गैंगस्टर था। वहां उसका बड़ा गैंग भी बताया जाता है।



