
Amravati Crime News: बडनेरा शहर के रेलवे स्टेशन परिसर में नाबालिग किशोर की हत्या के मामले को पुलिस ने महज 2 घंटे में सुलझा लिया। अमरावती शहर अपराध शाखा-2 ने इस मामले में 2 वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 विधि संघर्षग्रस्त बालकों को हिरासत में लिया गया है। जांच में सामने आया है कि यह हत्या पूरी तरह पूर्वनियोजित साजिश के तहत की गई थी।
करीब पांच महीने पहले पवारवाड़ी मैदान में क्रिकेट खेलते समय मृतक कुणाल और आरोपी दीपेश लक्ष्मण समुद्रे (21, तिलकनगर, बडनेरा) के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। इसके अलावा साहिल लॉन में हुए एक विवाह समारोह के दौरान आरोपी के रिश्तेदार पर हुए चाकू हमले का वीडियो कुणाल ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया था।
क्रिकेट खेलने के दौरान हुआ था विवाद
इस वीडियो को सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दिए जाने से आरोपी दीपेश के मन में दुश्मनी और बढ़ गई थी। कुछ दिन पहले राय टाउनशिप इलाके में कुणाल द्वारा दीपेश को फोन कर बुलाकर उसके साथ मारपीट करने की भी जानकारी सामने आई है। इन्हीं कारणों से दीपेश, उसका मित्र पीयूष किशोर भोयर (19, माताफैल, बडनेरा) और दो विधि संघर्षग्रस्त बालकों ने मिलकर कुणाल की हत्या की साजिश रची।
CCTV फुटेज से खुलासा
बडनेरा थाना क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के पीछे मैदान की झाड़ियों में एक किशोर का शव मिलने की सूचना मिलते ही बडनेरा पुलिस और शहर अपराध शाखा की टीमें मौके पर पहुंचीं। जांच में मृतक की पहचान कुणाल विनोद तेलमोरे (17, पवारवाड़ी तेलीपुरा, बडनेरा) के रूप में हुई।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप चव्हाण के मार्गदर्शन में तीन टीमों का गठन कर जांच शुरू की गई, जिसमें और तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली गई।
पत्थर से किया गया हमला
आरोपियों ने फोन कर कुणाल को रेलवे स्टेशन परिसर में बुलाया। वहां पहुंचते ही चारों ने मिलकर उस पर पत्थर से हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया। गुप्त सूचना के आधार पर अपराध शाखा की टीम ने ग्राम वडुरा क्षेत्र से 2 वयस्क आरोपियों और 2 विधि संघर्षग्रस्त बालकों को हिरासत में लिया। आगे की कार्रवाई के लिए सभी को बडनेरा पुलिस थाने को सौंप दिया गया है।
ये भी पढ़े:
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त अरविंद चावरिया, पुलिस उपायुक्त गणेश शिंदे, श्याम घुगे, रमेश धुमास और सहायक पुलिस आयुक्त शिवाजी बचाटे के मार्गदर्शन में की गई। टीम में सहायक पुलिस निरीक्षक मनीष वाकोडे, महेश इंगोले, गजानन सोनुने सहित के कई अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे।



