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बचाओ-बचाओ कहकर 100 मीटर तक दौड़ती रही आग में लिपटी नाबालिग… सिरफिरे ने जिंदा जला दिया था, अब तोड़ा दम, पटना में हैवानियत

बचाओ-बचाओ कहकर 100 मीटर तक दौड़ती रही आग में लिपटी नाबालिग... सिरफिरे ने जिंदा जला दिया था, अब तोड़ा दम, पटना में हैवानियत

जानकारी देते पुलिस अधिकारी.

बिहार की राजधानी पटना से एक ऐसी लोमहर्षक और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. गोपालपुर थाना क्षेत्र के संपतचक बैरिया में एक तरफा प्यार में पागल एक युवक ने एक नाबालिग किशोरी को जिंदा जला दिया. पांच दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ने के बाद आखिरकार उस मासूम ने अस्पताल में दम तोड़ दिया.

घटना 17 जनवरी की है. बताया जा रहा है कि आरोपी आदित्य कुमार काफी समय से किशोरी को परेशान कर रहा था और उसका पीछा करता था. किशोरी हमेशा उससे दूरी बनाए रखती थी, जो आदित्य को नागवार गुजरता था. 17 जनवरी को जब वह सड़क से गुजर रही थी, तभी आदित्य ने उसे रोका और बिना कुछ सोचे-समझे उसके शरीर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मंजर इतना भयावह था कि आग की लपटों से घिरी किशोरी मदद के लिए चीखते हुए सड़क पर करीब 100 फीट तक बदहवास होकर दौड़ी. उसकी चीखें सुनकर स्थानीय दुकानदार और राहगीर दौड़े और किसी तरह आग बुझाई.

5 दिनों तक अस्पताल में तड़पती रही मासूम

बुरी तरह झुलसी किशोरी को आनन-फानन में नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) ले जाया गया. डॉक्टरों ने उसे बचाने की हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन शरीर का अधिकांश हिस्सा जल जाने के कारण वह ज्यादा दिन संघर्ष नहीं कर सकी. 22 जनवरी की रात को उसने अंतिम सांस ली.

पुलिस का शिकंजा और कोर्ट में सरेंडर

मृतका की मां सीमा देवी ने 18 जनवरी को ही आदित्य कुमार के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी. एफएसएल (FSL) की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए और पुलिस ने पीड़िता का मृत्यु पूर्व बयान भी दर्ज किया था. पुलिस की बढ़ती दबिश और छापेमारी के कारण आरोपी आदित्य कुमार ने 23 जनवरी की शाम पटना सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया.

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पीडी ट्रायल (Speedy Trial) की तैयारी की जा रही है ताकि उस ‘दरिंदे’ को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके.

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