

इंदौर के एमवाय अस्पताल में एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक साल के बच्चे ने करीब 3 इंच लंबी जिंदा मछली निगल ली। डॉक्टरों ने जटिल ऑपरेशन के बाद इस मछली को उसके गले से बाहर निकालकर बच्चे को नई जिंदगी दी है। घटना 3 अप्रैल की है।
पीड़ित बच्चे के बड़े भाई-बहन उनके घर के एक्वेरियम की सफाई के दौरान एक जाली में रखी गईं सजावटी मछलियों से खेल रहे थे। इसी दौरान बच्चों की लापरवाही के कारण एक मछली अचानक उछली और उस वक्त एक साल के लड़के के मुंह में चली गई, जब वह जोर-जोर से हंस रहा था। लड़के के जिंदा मछली निगलने से घबराए परिजन उसे फौरन शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) लेकर आए।
अस्पताल के कान, नाक और गला विभाग की अध्यक्ष डॉ. यामिनी गुप्ता ने बताया, “जब हमने बच्चे की जांच की, तब करीब तीन इंच लंबी मछली जिंदा थी और उसके गले में फंसने के कारण जोर से फड़फड़ा रही थी। इससे बच्चे के गले में घाव हो गया था और उसकी लार के साथ खून आ रहा था। बच्चे को घबराहट, बेचैनी और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।”
गुप्ता ने बताया कि उन्होंने एक भी पल गंवाए बिना बच्चे के ऑपरेशन का फैसला किया और डॉक्टरों की 6 सदस्यीय टीम ने आधे घंटे की जटिल सर्जरी के दौरान उसके गले से मरी मछली बाहर निकाली। ऑपरेशन के बाद कुछ दिन तक बच्चे की हालत पर नजर रखे जाने के बाद उसे एमवायएच से छुट्टी दे दी गई है और अब वह स्वस्थ है।
उन्होंने बताया कि एक साल के बच्चे के गले में फंसी मछली को सर्जरी के जरिये बाहर निकाले जाने का यह मध्य भारत का पहला मामला है। छोटे बच्चों के गले में फंसी कोई भी चीज उनके लिए जानलेवा साबित हो सकती है क्योंकि उनकी सांस की नली संकरी होती है।



