
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री द्वारा सोमवार को अचानक इस्तीफा देने का मामला तूल पकड़ रहा है। अलंकार ने ये आरोप लगाते हुए इस्तीफा दिया था कि सरकार, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ अच्छा बर्ताव नहीं कर रही है। हालांकि उनके इस्तीफे को सरकार ने स्वीकार नहीं किया बल्कि उन्हें निलंबित कर दिया।
अलंकार अग्निहोत्री ने UGC और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया, जो सरकार ने स्वीकार नहीं किया बल्कि उन्हें निलंबित कर दिया। इसके बाद सियासत गरमा गई। अलंकार अग्निहोत्री के निलंबन के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उनसे बात की।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने फोन पर अलंकार अग्निहोत्री का अभिनंदन किया और धर्म के क्षेत्र में ऊंचा पद देने का भरोसा दिया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हम चाहते हैं कि आपके जैसे लोग सनातन की सेवा में आगे आएं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अलंकार अग्निहोत्री से बात करते हुए कहा, “आपके कदम का सनातन समाज अभिनंदन करता है। हम चाहते हैं कि आपके जैसे लोग सनातन की सेवा में आगे आएं। जो पद सरकार ने दिया था, उससे ऊंचा पद आपको देंगे।”
गौरतलब है कि रथ से स्नान के लिए जाने के बाद हुए विवाद के बाद से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अनशन कर रहे हैं। इसके बाद से सियासी गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। एक तरफ सरकार की तीखी आलोचना हो रही है, वहीं विपक्ष भी इस मामले को लेकर सरकार पर हमलावर रुख अपना रहा है।
इसी बीच बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री द्वारा इस्तीफा देने की घोषणा ने इस सियासी चिंगारी को आग में तब्दील कर दिया है। अब अविमुक्तेश्वरानंद बनाम सरकार की लड़ाई और भी ज्यादा बढ़ने की आशंका है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इस मामले में बिल्कुल भी समझौते के मूड में नहीं लग रहे हैं और उन्होंने आक्रामक रवैया अपनाया हुआ है।



