बलरामपुर: जिले के शारदापुर गांव में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का छज्जा गिरने से 6वीं कक्षा के छात्र की दर्दनाक मौत के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है. घटना के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन हरकत में आया है. जानकारी के अनुसार, शारदापुर गांव स्थित स्कूल परिसर में बने निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया, जिसकी चपेट में आकर 6वीं कक्षा का एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया था.

छात्र को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है. घटना के बाद जांच में लापरवाही सामने आने पर स्कूल की हेडमास्टर ममता गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं स्कूल में पदस्थ तीन शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिनसे जवाब मांगा गया है कि हादसे के समय बच्चों की सुरक्षा को लेकर उचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई.
इसके अलावा निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर घटिया निर्माण कराने वाले सरपंच और ग्राम सचिव के विरुद्ध FIR दर्ज कराई गई है. प्रशासन का कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ. घटना के बाद से मृत छात्र के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों ने अभी तक बच्चे का अंतिम संस्कार नहीं किया है. उनका कहना है कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई और उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा. गांव में भारी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं.

इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा- “यह घटना अत्यंत दु:खद और दुर्भाग्यपूर्ण है. बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर स्कूल की हेडमास्टर को निलंबित किया गया है और तीन शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. साथ ही निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है. पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.”
प्रशासन ने परिजनों को हर संभव सहायता और न्याय का भरोसा दिलाया है. वहीं जिला प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है. घटना ने एक बार फिर सरकारी भवनों की निर्माण गुणवत्ता और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.




