
आप नेता सौरभ भारद्वाजImage Credit source: PTI
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने अटल कैंटीन को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा अटल कैंटीन के फैक्ट चेक के दौरान अब शकूर बस्ती व पंजाबी कैंप में भी कागजों में कैंटीन चलती हुई मिली है. आप ने बाकायदा इन दोनों कैंटीन में चल रहे निर्माण कार्यों का वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा कर भाजपा सरकार के फर्जीवाड़े को एक्पोज किया है.
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सीएम रेखा गुप्ता 45 अटल कैंटीन का उद्घाटन किया गया था. हालांकि सरकार ने उदघाटन से पहले 100 अटल कैंटीन खोलने की बात कही थी, लेकिन उदघाटन वाले दिन सिर्फ 45 एलाट कैंटीन की सूची ही जारी की गई. ने उसी दिन सीएम रेखा गुप्ता की शालीमार विधानसभा के अलावा पीतमपुरा में कागजों में उदघाटन की गई अटल कैंटीन का खुलासा किय था. लेकिन अब हमारे फैक्ट चेक में पाया गया है कि शकूर बस्ती और पंजाबी कैंप में भी अटल कैंटीन कागजों में चल रही है.
Atal Canteen Fact Check
45 अटल कैंटीन का हुआ कागजों में उद्घाटन
आज फिर दो Canteen का Expose
वैसे तो ये काम मीडिया का है, मगर मीडिया का आपको पता ही है
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk)
आप का रेखा गुप्ता सरकार पर हमला
सौरभ भारद्वाज ने तीन दिन पहले चालू हुई इन कैंटीन में अव्यवस्थाओं और लोगों को खाना न मिलने की आ रही शिकायतों पर भी भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि अभी तो अटल कैंटीन चालू हुए हफ्ते भी नहीं हुए और लोग खाना न मिलने की शिकायत करने लगे हैं. फुलेरा पंचायत वाली भाजपा सरकार बेचारे अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम भी इस कैंटीन फर्ज़ीवाड़ा में बदनाम कर रही है.
सौरभ भारद्वाज ने इन अटल कैंटीन का वीडियो साझा कर कहा कि 25 दिसंबर को हमने ऐसी दो कैंटीन दिखाई थीं, जिनका उद्घाटन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कर दिया था, लेकिन वहां कैंटीन का नामोनिशान तक नहीं था. रविवार को हमने दो और कैंटीन की असलियत दिल्ली की जनता के सामने रखी है. इन कैंटीन का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है. जबकि इनका उद्घाटन रेखा गुप्ता के नाम से 25 दिसंबर को ही हो चुका है.
शकूर बस्ती स्थित भगत सिंह कैंप का हाल
सौरभ भारद्वाज द्वारा साझा की गई वीडियो अनुसार, आप कार्यकर्ता दोपहर करीब साढ़े तीन बजे शकूर बस्ती स्थित भगत सिंह कैंप पहुंचा. जो सीएम द्वारा उद्घाटन हो चुकी कैंटीन की लिस्ट में शामिल है. लेकिन मौके जब देखा गया तो वहां कुछ भी नहीं था. कैंटीन के गेट बंद मिले. इसके बाद पीरागढ़ी स्थित पंजाबी कैंप का दौरा किया गया. यहां भी कैंटीन चालू नहीं मिली, जबकि इसका भी सीएम ने उदघाटन कर दिया है.
वहां कैंटीन बनाने के लिए बिना परमिशन लिए अवैध रूप से पेड़ काटे गए मिले. दिल्ली में ग्रैप लागू होने के बाद भी निर्माण कार्य चल रहा था. अभी कैंटीन का काम पूरा नहीं हुआ है. यह भाजपा की चार इंजन वाली सरकार का सच है, जो अटल कैंटीन के नाम पर पेड़ों की जान ले रही है और दिल्ली में झूठ फैलाने के अलावा कुछ नहीं कर रही है.




