
Winter Health Tips: सर्दियों का मौसम अपने शबाब पर है और खुद को गर्म रखने के लिए रूम हीटर या ब्लोअर का सहारा लेना आम बात है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रजाई में दुबक कर रातभर हीटर चालू रखना आपके लिए जानलेवा साबित हो सकता है? स्रोतों के अनुसार हीटर का गलत इस्तेमाल न केवल स्वास्थ्य बिगाड़ सकता है बल्कि यह असमय मौत का कारण भी बन सकता है।
नींद में मौत का खतरा
हीटर विशेष रूप से गैस हीटर का इस्तेमाल करते समय ‘नींद में मौत’ का जोखिम सबसे ज्यादा होता है। बंद कमरे में हीटर चलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का स्तर बढ़ जाता है। यह गैस शरीर में पहुंचकर दिमाग तक ऑक्सीजन की सप्लाई को रोक देती है जिससे ब्रेन हेमरेज और अंततः व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है।
हृदय और श्वास रोगियों के लिए चेतावनी
हीटर चलाना उन लोगों के लिए अधिक खतरनाक है जो पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे हैं-
- दिल की बीमारी: कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड बढ़ने से हृदय रोगियों को सीने में तेज दर्द की शिकायत हो सकती है।
- अस्थमा और श्वसन संबंधी समस्या: अस्थमा के मरीजों के लिए रूम हीटर की हवा सांस की नली में रुकावट पैदा कर सकती है। इसी तरह, ब्रोन्काइटिस और साइनस के मरीजों को हीटर के पास बैठने से एलर्जी, लगातार छींक और कफ की सकती है।
त्वचा और आंखों पर बुरा असर
- रूम हीटर न केवल ऑक्सीजन कम करता है, बल्कि यह हवा की नमी (Humidity) को भी पूरी तरह खत्म कर देता है।
- स्किन एलर्जी: हवा के रूखेपन से त्वचा फटने लगती है और जहरीले कण स्किन में समाकर एलर्जी को और बढ़ा देते हैं।
- आंखों में ड्राईनेस: आंखों की प्राकृतिक नमी खत्म होने से खुजली, इरिटेशन और बढ़ जाता है।

पहचानें कार्बन मोनोऑक्साइड जहर के लक्षण
यदि हीटर के उपयोग के दौरान आपको सिरदर्द, चक्कर आना, पेट दर्द, बेचैनी, उल्टी या कमजोरी महसूस हो, तो यह शरीर में बढ़ती कार्बन मोनोऑक्साइड का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत हीटर बंद करें और ताजी हवा में जाएं।
बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
- हीटर को कभी भी बिना देखे न छोड़ें: बिस्तर पर जाने या कमरे से बाहर निकलने से पहले हीटर बंद कर दें और प्लग निकाल दें।
- दूरी बनाए रखें: कंबल, कागज, फर्नीचर और ज्वलनशील चीजों को हीटर से कम से कम दो-तीन फीट दूर रखें।
- बच्चों का रखें ख्याल: पालतू जानवरों और छोटे बच्चों को हीटर की पहुंच से दूर रखें।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए सुझाव केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें। नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।



