
टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों में जुटी भारतीय टीम को विशाखापट्टनम में करारा झटका लगा है. चौथे टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 50 रनों के बड़े अंतर से हराकर न सिर्फ सीरीज में वापसी की, बल्कि टीम इंडिया के घरेलू रिकॉर्ड पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. 215 रनों के भारी लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजी दबाव में पूरी तरह टूटती नजर आई और टीम 164 रन ही बना सकी. घरेलू मैदान पर मिली इस बड़ी हार ने हेड कोच गौतम गंभीर की टेंशन भी बढ़ा दी है.
50 रन की यह हार भारत की घरेलू सरजमीं पर दूसरी सबसे बड़ी टी20 हार बन गई. इससे पहले 2025 में साउथ अफ्रीका ने भारत को 51 रन से शिकस्त दी थी. दिलचस्प बात यह है कि न्यूजीलैंड भारत की घरेलू जमीन पर अब कई बार ऐसी करारी चोट दे चुका है, जिससे यह साफ हो गया है कि कीवी टीम भारत के लिए आसान प्रतिद्वंद्वी नहीं रही है.
भारत की घरेलू मैदान पर रनों के अंतर से सबसे बड़ी हारें
भारत बनाम साउथ अफ्रीका (मुल्लानपुर),2025 – 51 रन
भारत बनाम न्यूजीलैंड (विशाखापट्टनम), 2026 – 50 रन
भारत बनाम साउथ अफ्रीका (इंदौर), 2022 – 49 रन
भारत बनाम न्यूजीलैंड (नागपुर), 2016 – 47 रन
भारत बनाम न्यूजीलैंड (राजकोट), 2017 – 40 रन
न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय गेंदबाजों पर खुलकर हमला किया. भारत को शुरुआती ओवरों में विकेट नहीं मिल पाए और आखिरी ओवरों में रन रोकने में टीम नाकाम रही. कीवी बल्लेबाजों ने बड़े शॉट्स खेलने में कोई झिझक नहीं दिखाई, जिससे भारत के सामने 215 रनों का मुश्किल लक्ष्य खड़ा हो गया.
रनचेज की शुरुआत से ही भारत मुश्किल में दिखा. शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से दबाव लगातार बढ़ता चला गया. अनुभवी बल्लेबाजों से जिस स्थिरता की उम्मीद थी, वह नजर नहीं आई. पावरप्ले के अंदर ही मैच भारत के हाथों से फिसलता दिखा
इस निराशाजनक प्रदर्शन के बीच शिवम दुबे ने अकेले मोर्चा संभाला. उन्होंने सिर्फ 15 गेंदों में अर्धशतक जमाकर मुकाबले में जान फूंक दी. उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने कुछ देर के लिए उम्मीद जगाई, लेकिन दूसरे छोर से साथ न मिलने के कारण यह प्रयास जीत में नहीं बदल सका.
वर्ल्ड कप से ठीक पहले मिली इस हार ने हेड कोच गौतम गंभीर की रणनीतियों को लेकर भी चर्चा छेड़ दी है. बल्लेबाजी क्रम, डेथ ओवर्स की गेंदबाजी और टीम संतुलन पर अब दोबारा सोचने की जरूरत साफ नजर आ रही है.



