उदयपुर: राजस्थान में एंटी करप्शन ब्यूरो लगातार भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है. पुलिस-प्रशासन के बाद अब एसीबी की निगाहें वन विभाग में फैल रहे भ्रष्टाचार पर हैं. ताजा कार्रवाई उदयपुर जिले के खैरवाड़ा क्षेत्र में हुई, जहां एसीबी ने आज ट्रैप लगाकर दो वनरक्षकों को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया.
लकड़ी से भरे ट्रक छोड़ने के बदले मांगी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, दोनों वनरक्षक लकड़ी से भरे एक ट्रक को बिना कार्रवाई छोड़े जाने के बदले रिश्वत मांग रहे थे. पूरी योजना बनाकर एसीबी ने वन नाका कातरवास पर ट्रैप लगाया और वनरक्षक महेश कुमार मीणा और विजेश अहारी को मौके पर ही पकड़ लिया। दोनों के खिलाफ जांच जारी है.
बिल होने के बाद भी रिश्वत की मांग
एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता के मुताबिक, डूंगरपुर इकाई को परिवादी ने शिकायत दी थी कि वह और उसका पार्टनर वैध लकड़ी व्यापार करते हैं. उनके दो ट्रकों में नीलगिरी और सेमल की लकड़ी भरकर खैरवाड़ा भेजी जा रही थी. वाहनों के पास सभी वैध बिल मौजूद थे, लेकिन 30 नवंबर की सुबह दोनों ट्रकों को वन विभाग के अधिकारियों ने रोक लिया. इसके बाद आरोपी वनरक्षकों ने वाहन छोड़ने की एवज में मोटी रकम की मांग शुरू कर दी.
सत्यापन के बाद तैयार हुआ ट्रैप प्लान
शिकायत मिलने पर एसीबी ने तत्काल सत्यापन करवाया, जिसमें रिश्वत की मांग सही पाई गई और यह पुष्टि हुई कि दोनों आरोपी 80 हजार रुपये लेने पर सहमत हो चुके हैं. इसके बाद डूंगरपुर ACB टीम ने 1 दिसंबर 2025 को उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में ट्रैप प्लान तैयार किया.
रिश्वत लेते ही दबोचा
पुलिस उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में निरीक्षक राजेंद्र सिंह व टीम ने मौके पर घेराबंदी की. जैसे ही आरोपी रिश्वत की राशि ले रहे थे, एसीबी ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. मौके से सबूत जब्त कर दोनों को हिरासत में लिया गया. एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में आरोपियों से पूछताछ जारी है. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है.




