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कपसाड़ कांड में बडा खुलासाः ’हम 3 साल से रिलेशन में’, रूबी के बयान में…


मेरठ. यूपी के मेरठ में कपसाड़ कांड लगातार सुर्खियों में है. यहां अनुसूचित जाति की महिला की हत्या के बाद उनकी बेटी के कथित अपहरण के मामले में आज मुख्य आरोप पारस सोम को अदालत में पेश किया गया. पुलिस ने अपहृत रूबी का बयान भी ACJM 2 कोर्ट में दर्ज कराया है. पुलिस उसे गुपचुप तरीके से कोर्ट लेकर पहुंची और मीडिया को चकमा देकर बयान दर्ज कराया.

रूबी का बयान लिफाफे में बंद कर लिया गया है. मुख्य आरोपी पारस को भी कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. सूत्रों का कहना है कि रूबी ने पारस को ही पूरे मामले का आरोपी बताया है. पारस के वकील बलराम सोम ने बताया कि उनके मुवक्किल ने खुद को निर्दोष बताया है. अदालत में जज के सामने भी पारस ने खुद को निर्दोष बताया. वकील बलराम के मुताबिक, पारस ने लड़की से अपना पुराना रिलेशन होने का दावा किया है. दोनों 3 साल से रिलेशन में थे. पारस ने लड़की को अगवा करने से इनकार किया. लड़की को नारी निकेतन भेज दिया गया है.

होटल में रह रहे थे दोनों
रूबी और पारस को कल (10 जनवरी) पुलिस ने पकड़ा था. दोनों उत्तराखंड में मिले. होटल लेकर रह रहे थे. हत्याकांड के बाद पुलिस ने 48 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार किया था. दोनों को रुड़की रेलव स्टेशन से दबोचा गया. हरिद्वार जा रहे थे. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फरारी के दौरान लड़की ने विरोध नहीं किया था. लड़की बालिग है. 2005 का जन्म है. उम्र करीब 21 साल है. पहले लड़की को नाबालिक बताया जा रहा था. अभी तक कि जांच में लड़की (रूबी) की मां सुनीता को लड़के ने ही मारा था, लेकिन फिलहाल दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. लड़के ने हत्या से इनकार किया है.

क्या था पूरा मामला
गुरुवार सुबह 8 बजे मां के साथ खेत जा रही लड़की के कथित किडनैपिंग का विरोध करने पर मां की हत्या की गई. मुख्य नामजद आरोपी पारस सोम ने अपने साथियों के साथ इस वारदात को अंजाम दिया. गंभीर रूप से घायल लड़की की मां की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने तोड़फोड़ भी की. डीएम और एसएसपी परिजनों को मनाने की कोशिश की, लेकिन परिजन और ग्रामीण लड़की की बरामदगी पर अड़े रहे और शव रखकर धरने पर बैठ गए. ग्रामीणों का कहना था कि जब तक लड़की की बरामदगी नहीं होती और आरोपी पकड़े नहीं जाते तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलने के बाद परिवार ने देर रात अंतिम संस्कार कर दिया.

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