मध्य प्रदेश: नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. शुक्रवार शाम नागौद थाना क्षेत्र के परसमनिया जंगल अंतर्गत मड़फई गांव में पुलिस ने घेराबंदी कर एक मकान से 120 पेटी प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप बरामद की है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत लगभग 28 लाख रुपए आंकी गई है. पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
जंगल के बीच बना था सेफ हाउस
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि परसमनिया के दुर्गम जंगली इलाके में नशे की एक बड़ी खेप डंप की गई है। सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने मड़फई गांव में दबिश दी। वहां चौरसिया देवी साकेत नाम की महिला के घर की तलाशी ली गई। शुरुआत में महिला ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती बरतने पर जब कमरे का ताला तोड़ा गया, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। कमरे के भीतर 14,400 नशीली शीशियां मौजूद थीं.
जस्सा नेटवर्क से जुड़े तार
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पकड़ी गई खेप का सीधा संबंध कुख्यात तस्कर अनूप जायसवाल उर्फ ‘जस्सा’ के नेटवर्क से है. जस्सा जिले में लंबे समय से नशीली सिरप की तस्करी का मास्टरमाइंड माना जाता रहा है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि जेल में होने के बावजूद या बाहर से जस्सा के गुर्गे किस तरह इस सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहे हैं.
किराए के लालच में बनी ‘गोदाम की मालकिन’
गिरफ्तार महिला चौरसिया देवी ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह आर्थिक तंगी के कारण इस धंधे में शामिल हुई। भुरहरा गांव के मनीष यादव और शैलेंद्र गुप्ता उर्फ टिंकू ने उसे लालच दिया था कि उसके घर में सामान रखने के बदले उसे प्रतिदिन के हिसाब से नकद भुगतान किया जाएगा. तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए गांव के रिहायशी इलाके के बजाय जंगल किनारे स्थित इस मकान को अपना ट्रांजिट पॉइंट बनाया था.
डिजिटल निर्देशों पर चलता था खेल
गिरफ्तार आरोपियों मनीष और शैलेंद्र ने बताया कि उन्हें मोबाइल फोन पर अज्ञात नंबरों से निर्देश मिलते थे। पिकअप वाहनों के जरिए उचेहरा और नागौद के अन्य गुप्त ठिकानों से माल को मड़फई लाया जाता था। पुलिस ने इनके पास से कुछ मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनसे तस्करी के रूट और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की जानकारी मिलने की उम्मीद है.
तीन आरोपी अब भी फरार
कार्रवाई के दौरान तीन अन्य तस्कर मौके से भागने में सफल रहे, जिनकी पहचान पुलिस ने कर ली है। एसपी ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयां किस दवा एजेंसी या फैक्ट्री से सप्लाई की गई थीं.
जब्ती का ब्यौरा एक नजर में:
कुल पेटियां: 120. शीशियां: 14,000+अनुमानित कीमत: 28 लाख रुपएगिरफ्तार: 03 चौरसिया देवी, मनीष यादव, शैलेंद्र गुप्ता .




