दरभंगा: जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने थानाध्यक्ष अंकित कुमार और उनके दल-बल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. राजेश शर्मा नामक व्यक्ति ने पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी), मिथिला क्षेत्र को शिकायत भेजी है, जिसमें कहा गया है कि 29 नवंबर 2025 की रात करीब 12 बजे पुलिस ने उनके घर में अवैध रूप से घुसकर तोड़फोड़ की और दुर्व्यवहार किया.
राजेश शर्मा, जो पचहारा बुजुर्ग गांव के निवासी हैं, ने बताया कि उनका और उनके ग्रामीणों के बीच एक वाद संख्या 163/24 का मामला चल रहा है. इस मामले में उनके और उनके परिवार के सभी सदस्यों ने 7 नवंबर 2025 को जमानत ले ली थी और 8 नवंबर 2025 को थानाध्यक्ष को सरेंडर स्लिप भी सौंप दी थी. उन्होंने दावा किया कि इसकी पुष्टि थाना के सीसीटीवी कैमरे से की जा सकती है.
शिकायत के अनुसार, जमानत के बावजूद 29 नवंबर 2025 को आधी रात के करीब थानाध्यक्ष अपने दल-बल के साथ राजेश शर्मा के घर पहुंचे. उन्होंने बल प्रयोग कर दरवाजे तोड़ने शुरू कर दिए और अभद्र गाली-गलौज भी की. जब परिवार के सदस्यों ने विरोध किया, तो पुलिस ने राजेश शर्मा, उनके पिता शिवनारायण शर्मा, फूलदाय देवी और शंभू लाल शमी के साथ और अधिक दुर्व्यवहार किया.
राजेश शर्मा ने यह भी बताया कि जिन लोगों को गिरफ्तार करने पुलिस पहुंची थी, उनमें एक महिला भी शामिल थी, लेकिन पुलिस दल में कोई महिला सिपाही या अधिकारी मौजूद नहीं थी. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके परिवार के साथ ऐसा व्यवहार किया, जैसे वे देशद्रोही या आतंकवादी हों.
परिवार द्वारा सरेंडर स्लिप दिखाने के बाद ही पुलिसकर्मी वापस लौटे. राजेश शर्मा का कहना है कि इस घटना के कारण उन्हें और उनके परिवार को काफी आर्थिक, सामाजिक और मानहानि का सामना करना पड़ा है. उन्होंने DIG से इस मामले का संज्ञान लेने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है. शिकायत के साथ घर के दरवाजों और दीवारों को हुए नुकसान की तस्वीरें भी संलग्न की गई हैं.




