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‘BJP को आज प्रिविलेज कमेटी याद आ रही’, दिल्ली विस के एक्शन पर भड़के AAP नेता सौरभ भारद्वाज

'BJP को आज प्रिविलेज कमेटी याद आ रही', दिल्ली विस के एक्शन पर भड़के AAP नेता सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज.

पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी वीडियो मामले में दिल्ली विधानसभा ने पंजाब के तीन अफसरों को नोटिस भेजकर 20 फरवरी तक जवाब मांगा है. पूरे मामले को लेकर लेकर आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज भड़क गए हैं. सौरभ ने कहा कि भाजपा को आज प्रिविलेज कमेटी याद आ रही है. ऐसा करने से पहले केंद्र और एलजी को अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए.

आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दस साल तक दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार रही. प्रिविलेज के मामले में भारतीय जनता पार्टी के एलजी ने कभी दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल को विधानसभा समिति के सामने पेश नहीं होने दिया. आप विधायक सवाल लगाते थे, दिल्ली पुलिस से कि हमारे यहां नशा बिक रहा है, हमारे यहां मर्डर हो रहे हैं और हमारे यहां गलत काम हो रहे हैं. इन सभी सवालों का जवाब दिल्ली पुलिस से नहीं आता था. ये कहा जाता था कि इस लेजेस्टिव असेंबली की पावर नहीं है कि वो दिल्ली पुलिस से सवाल पूछे. वही भारतीय जनता पार्टी आज कह रही है कि पंजाब का डीजीपी हमे यहां आकर रिपोर्ट करे. ये तो बहुत गजब बात हो गई.

BJP ने संस्थाओं को किया तहस-नहस

आप नेता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाते हुए बीजेपी ने इन संस्थाओं को तहस-नहस कर दिया है. अब बीजेपी चाह रही है कि इन्ही संस्थाओं के जरिए वो पंजाब के डीजीपी को तलब कर ले, लेकिन इससे पहले दिल्ली बीजेपी सरकार, केंद्र और एलजी को अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए.

बताया जा रहा है कि पंजाब की आप सरकार आतिशी को लेकर दिल्ली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है. देखने वाली बात ये होगी कि किस प्रदेश की सरकार भारी पड़ेगी.

20 फरवरी तक मांगा जवाब

दरअसल, आतिशी वीडियो मामले में दिल्ली विधानसभा में जालंधर पुलिस कमिश्नर को फिर नोटिस भेजकर 20 फरवरी तक जवाब मांगा है. दिल्ली विस सचिवालय की ओर से पंजाब के अतिरिक्त सचिव (गृह), पंजाब डीजीपी गौरव यादव और जालंधर के पुलिस कमिश्नर को पत्र जारी कर निर्धारित समय तक जवाब न देने पर फटकार लगाई है. इससे पहले 12 फरवरी तक स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन जवाब न मिलने पर अब 20 फरवरी तक अंतिम अवसर दिया गया है.

जवाब न मिलने पर होगा एक्शन

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि तय समय में जवाब न आने पर विशेषाधिकार हनन और अवमानना की कार्रवाई शुरू की जा सकती है. यह कार्रवाई दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी से जुड़ा है. उन पर सदन की कार्यवाही के दौरान सिख गुरुओं को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था. इसी संदर्भ में शिकायतें दर्ज कराई गई थीं.

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