Bundi News : राजस्थान के बूंदी जिले में एक सरकारी स्कूल में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गेंडोली थाना क्षेत्र के भैंस खेड़ा गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल के बरामदे की करीब 50 फीट लंबी छत मंगलवार सुबह करीब 10:45 बजे अचानक गिर गई। गनीमत रही कि हादसे के समय वहां कोई छात्र मौजूद नहीं था। जानकारी के अनुसार, बच्चे बरामदे से लगभग 50 फीट दूर धूप में बैठकर पढ़ाई कर रहे थे और वे महज 15 मिनट पहले ही वहां से हटे थे। हालांकि, अचानक हुए तेज धमाके से बच्चे दहशत में आ गए। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल के दो कमरे लंबे समय से जर्जर हालत में थे, जिससे खतरे के संकेत पहले ही मिल रहे थे।
चौंकाने वाली बात यह है कि कलेक्टर कार्यालय से मरम्मत के लिए दो लाख रुपये की राशि जारी होने के बावजूद अब तक कोई कार्य शुरू नहीं किया गया था। इस घटना ने स्कूल भवनों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जर्जर इमारत को अब तक खतरनाक घोषित नहीं किया जाना भी चिंता का विषय है। घटना के समय स्कूल में पांच में से केवल दो शिक्षक ही मौजूद थे। सूचना मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी धनराज मीणा मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

50 फीट दूर बैठे थे 30 बच्चे, बाल-बाल टला बड़ा हादसा
स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) के अध्यक्ष जुगराज गोचर ने बताया कि जर्जर कमरों को गिराने के लिए चार बार प्रस्ताव बनाकर विभाग को भेजे गए थे, लेकिन अधिकारियों ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते मरम्मत या ध्वस्तीकरण होता, तो हादसे से बचा जा सकता था। गनीमत यह रही कि घटना के समय स्कूल के करीब 30 बच्चे बरामदे से लगभग 50 फीट दूर बैठे हुए थे।
15 मिनट पहले ही बरामदे से बाहर निकले थे बच्चे
गेंडोली थाना अधिकारी तेजपाल सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के करीब आधे घंटे बाद, सुबह लगभग 11:15 बजे वह मौके पर पहुंचे। उस समय सभी बच्चे भयभीत थे, जिन्हें सुरक्षा के मद्देनज़र तुरंत घर भेज दिया गया। बच्चों ने बताया कि वे आमतौर पर इसी बरामदे में बैठकर नाश्ता-पानी करते थे और हादसे से महज 15 मिनट पहले ही वहां से बाहर निकले थे।




