सुपौल: एलपीजी गैस की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने एवं कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, थानाध्यक्ष सहित सभी संबंधित अधिकारी और कर्मी निरंतर उठाव वितरण की निगरानी कर रहे प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों के प्रतिवेदन के अनुसार जिले के 51 गैस एजेंसियों में से 44 गैस एजेंसियों पर अभी एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध है. तेल कंपनियों द्वारा अस्पताल एवं सरकारी संस्थानों को जिनके पास वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रारंभ की जा रही है.
जिला प्रशासन एलपीजी गैस सिलेंडरों की ससमय उपलब्धता हेतु गैस वितरक कंपनियों से लगातार संपर्क में है. अभी जिले के गैस एजेंसियों के पास लगभग 10780 गैस सिलेंडरों का भंडार मौजूद है. लगभग 5351 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है. अभी तक 16593 उपभोक्ता की बुकिंग की गैस आपूर्ति की जानी है. जिले में औसतन 2.5 दिनों में गैस की आपूर्ति की जा रही है, जो राज्य औसत 3.8 से काफी अधिक है.
जिले के कुल 51 गैस एजेंसियों में से 21 के द्वारा एलपीजी गैस की होम डिलीवरी प्रारंभ कर दी गई है. अभी तक कुल 51 एलपीजी एजेंसी में से 45 की जांच की गई है। 122 अन्य होटलों व प्रतिष्ठानों पर जांच की गई है. सरायगढ़ प्रखंड में 91 एलपीजी गैस सिलेंडर अवैध रूप से रखने एवं कालाबाजारी करने के आरोप में सुमन कुमार एवं संतोष कुमार निवासी सरायगढ़-भपटियाही के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सरायगढ़ भपटियाही चंडिकेश्वर झा द्वारा भपटियाही थाना में थाना कांड संख्या 79/2026 दर्ज करवाया गया है.
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, राघोपुर द्वारा मेसर्स रत्ना इंडेन ग्रामीण वितरक प्रखंड राघोपुर की जांच के क्रम में पाया गया कि एसडीएमएस पोर्टल के अनुसार कुल 299 सिलिंडरों में भौतिक रूप से 177 सिलेंडर पाया गया एवं 122 सिलेंडर कम रहने के लिए मेसर्स रत्ना इंडेन ग्रामीण वितरक राघोपुर के विरुद्ध करजाईन थाना में प्राथमिकी संख्या 52/2026 दर्ज की गई है.



