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लाखों की नकदी, हथियार और नशीले पदार्थ जब्त, आचार संहिता के उल्लंघन पर प्रशासन का कड़ा प्रहार

Nagpur Municipal Election Cash Drugs Weapons Seized Model Code Violation

Nagpur Municipal Election:  महानगरपालिका चुनाव अंतिम चरण में पहुंचने के बावजूद अब तक किसी भी अप्रिय घटना की सूचना सामने नहीं आई है, लेकिन चुनाव प्रचार और आदर्श आचार संहिता के दौरान प्रशासन की सतर्कता के चलते बड़े पैमाने पर की गई छापेमारी में लाखों रुपये की नकदी, नशीले पदार्थ और अवैध हथियार जब्त किए गए हैं। इससे मनपा चुनाव अब प्रत्येक प्रत्याशी के लिए साख की लड़ाई बनता नजर आ रहा है।

चौंकाने वाली बात यह है कि छापेमारी के दौरान पिस्तौल और देसी कट्टे जैसे हथियार भी बरामद किए गए हैं। हालांकि विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन जब्त सामग्रियों का संबंध किन राजनीतिक दलों या व्यक्तियों से है, लेकिन स्थानीय निकाय चुनावों में इस तरह की कार्रवाई पहली बार देखी जा रही है।

उपायुक्त मिलिंद मेश्राम ने बताया कि महानगरपालिका चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए व्यापक स्तर पर जब्ती की कार्रवाई की जा रही है, ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सकें।

सुर्खियों में प्रभाग 10 और 19

चुनाव विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शहर के विभिन्न प्रभागों से अब तक 12.90 लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं। प्रभाग क्रमांक 10 और 19 में विशेष रूप से बड़ी नकद बरामदगी हुई है। इसके अलावा 2323.9 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 9,47,694 रुपये है। नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई में 47.44 किलोग्राम ड्रग्स पकड़ी गई है, जिसकी कीमत लगभग 19,98,867 रुपये आंकी गई है।

हथियारों की जब्ती और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और फ्लाइंग स्क्वॉड ने 11 तलवारें, 4 पिस्तौल, 25 चाकू, 1 फरसा, 2 कोयता और 4 कारतूस सहित कई अवैध हथियार जब्त किए हैं। प्रशासन ने निवारक कार्रवाई करते हुए MPAD के तहत 808 मामलों को अंतिम रूप दिया है, जबकि मकोका (MCOCA) के तहत भी एक मामला दर्ज किया गया है।

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राजनीतिक दलों पर प्रशासन की पैनी नजर

आचार संहिता उल्लंघन को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के खिलाफ शिकायतें दर्ज की गई हैं। रामनगर और दाभा क्षेत्र में विधायक परिणय फुके और पूर्व विधायक सुधाकर कोहले के अवैध बैनर पाए जाने पर उन्हें हटाया गया। प्रभाग क्रमांक 1 में एक स्कूल परिसर में कथित राजनीतिक कार्यक्रम को लेकर शिकायत मिलने पर उम्मीदवार शैलेश पांडे और कांठीराम शेंडे के बैनर हटाकर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसी तरह शिवसेना (उद्धव गुट) के उम्मीदवार दीपक मुले और आम आदमी पार्टी द्वारा लगाए गए अवैध स्टिकर और बैनरों पर भी त्वरित कार्रवाई की गई है।

शराब पार्टियां पकड़ने में विफल रहा फ्लाइंग स्क्वॉड

प्रशासन को शराब पार्टियों के आयोजन की कुछ शिकायतें प्राप्त हुई थीं, लेकिन फ्लाइंग स्क्वॉड की जांच में कई स्थानों पर ऐसी गतिविधियां नहीं पाई गईं। इसके अलावा सार्वजनिक संपत्तियों, जैसे बैरिकेड्स पर लिखे गए पूर्व पार्षदों के नाम ढकने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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