उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बहुचर्चित भदरसा दुष्कर्म कांड में पॉक्सो कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सना दिया है. कोर्ट ने आरोपी सपा नेता मोईद अहमद को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया. वहीं इस मामले में कोर्ट ने मुख्य आरोपित रहे राजू खान को दोषी पाया. दोनों आरोपी जेल में निरुद्ध रहे, जिन्हें बुधवार को जेल से तलब किया गया था. कोर्ट ने राजू खान को दोषसिद्ध करते हुए फिर से जेल भेज दिया. वहीं अगली सुनवाई के लिए 29 जनवरी की तारीख नियत की है.
साल 2024 में अयोध्या के भदरसा क्षेत्र के नाबालिग गैंगरेप मामले में समाजवादी पार्टी नेता मोईद खान को कोर्ट मे बेगुनाह साबित हुआ. इसके बाद कोर्ट ने उसे बरी कर दिया जबकि नौकर राजू पर आरोप सही पाए गए और कल उसकी सजा का ऐलान होगा. 2024 में मोईद खान और उसके नौकर का डीएनए जांच कराया गया था. रिपोर्ट आने के बाद कोर्ट ने मोईद खान को बरी कर दिया, जबकि नौकर को दोषी पाते हुए कल सजा सुनाने का ऐलान किया है.
क्या था मामला?
अयोध्या के पूराकलंदर थाना क्षेत्र के भदरसा में एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर गैंगरेप हुआ. पीड़िता के परिजनों का आरोप था कि सपा नेता मोईद खान जो भदरसा नगर के अध्यक्ष थे और उनकी बेकरी में काम करने वाले राजू खान ने लड़की को बेकरी में बुलाकर रेप की घटना को अंजाम दिया था. आरोपियों ने घटना का वीडियो बनाया और ब्लैकमेल कर महीनों तक बार-बार दुष्कर्म किया. जब लड़की दो महीने की गर्भवती हो गई, तब जुलाई 2024 में मामला सामने आया.
पुलिस ने की थी कार्रवाई
30 जुलाई 2024 को पुलिस ने मोईद खान और राजू खान को गिरफ्तार किया था. मामला संवेदनशील होने से राजनीतिक बवाल मचा गया था. योगी सरकार ने मोईद खान की बेकरी सील की, अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया. पॉक्सो एक्ट, गैंगरेप और ब्लैकमेलिंग की धाराओं में केस दर्ज हुआ था. मोईद खान सपा सांसद अवधेश प्रसाद के करीबी माने जाते थे.




