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सिर पर मंडरा रही मौत! बागपत में हाईटेंशन टॉवरों के नीचे बना लिए घर, एक साल में 4 की गई जान

सिर पर मंडरा रही मौत! बागपत में हाईटेंशन टॉवरों के नीचे बना लिए घर, एक साल में 4 की गई जान

जान खतरे में डालकर रह रहे लोग

सिर छुपाने के लिए हर इंसान एक सुरक्षित आशियाने का सपना देखता है, लेकिन अगर वही आशियाना मौत के साए में बना हो तो उसे क्या कहेंगे? ऐसा ही कुछ उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत शहर से सामने आया है, जहां विजयनगर मोहल्ले में रहने वाले सैकड़ों लोग हाईटेंशन ट्रांसमिशन टावरों के नीचे जान जोखिम में डालकर जीने को मजबूर हैं. 7.65 लाख वोल्ट की बिजली लाइन घरों की दीवारों और छतों से छूकर गुजर रही है. बीते एक साल में चार लोगों की मौत करंट की चपेट में आने से हो चुकी है.

दरअसल, ये सनसनीखेज मामला बागपत के बड़ौत शहर के विजयनगर मोहल्ले का है, जहां से गुजरने वाली हाईटेंशन डिस्टिब्यूसन लाइन के टावरों के नीचे एक, दो नहीं बल्कि दर्जनों लोगों ने खाली जगह को घेरकर अपना आशियाना बना लिया है. इन हाईटेंशन तारों के बीच में 7.65 लाख वोल्ट का करंट दौड़ रहा है. हालात इतने भयावह है कि बीते एक साल में विजयनगर में रहने वाले चार लोगों की मौत करंट की चपेट में आने से हो चुकी हैं.

High Tension Line

सिर पर मंडरा रही मौत

इन ट्रांसमिशन टॉवर तले बेज़ुबान पशुओं को भी बांधा जा रहा है. सिर पर मंडराती मौत से बेखबर मासूम बच्चे इन्हीं मौत की चारदीवारी में उछल कूद करते नजर आते हैं. विजयनगर में रहने वाले लोगों का कहना है कि सालों से वह इन्हीं टावरों के नीचे रह रहे हैं. हालांकि विद्युत विभाग उन्हें समय-समय पर नोटिस देता रहता है, लेकिन जानलेवा खतरे होने के बावजूद घर छोड़कर जाने को तैयार नहीं है.

Baraut

विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि विभाग विजयनगर में टावरों के बीच मे रहने वाले लोगों को प्रत्येक छह माह में नोटिस जारी करता है. अब इस बारे में जिला प्रशासन को लिखा गया है. नियमों की बात करें, तो ट्रांसमिशन टावर तले और इसके आसपास का एक-एक मीटर का हिस्सा टावर लगने के बाद निर्माण कार्य से प्रतिबंधित रहता है. टावर वाली जगह का 200 फीसदी मुआवजा सम्बंधित भूमि मालिक को भी निगम या फिर प्रशासन के द्वारा दिया जाता है.

नियम-कायदों की उड़ रही धज्जियां

इस जमीन पर घर, दुकान समेत दूसरे किसी भी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता है. इसके बावजूद बड़ौत शहर के विजयनगर में सभी नियम-कायदों को ताक पर रखा हुआ है. पॉवर कॉरपोरेशन भी केवल नोटिस देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का काम कर रहा है और प्रशासन भी शायद किसी अनहोनी के इंतजार में हैं. इन ट्रांसमिशन टॉवर के साथ-साथ इस बस्ती से 132 केवीए ट्रांसमिशन बिजलीघर भी मौजूद है.

गंभीर हो सकते हैं हालात

इस बिजलीघर से हाईटेंशन लाइनें भी अलग-अलग विद्युत वितरण खंडों, उपकेंद्रों को विजयनगर से ही होकर जाती है. यह हाईटेंशन लाइन दर्जनों घरों की छतों से छूकर जा रही है, लेकिन न तो निगम के अधिकारियों को इस बात की कोई परवाह और न यहां बसे लोगों को कोई चिंता. यहां लगातार बस्ती का दायरा बढ़ता ही जा रहा है. जल्द ही ध्यान नहीं दिया गया, तो हालात बेहद गंभीर और डराने वाले हो सकते हैं.


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