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8 साल की बच्ची से रेप-हत्या के दोषी को फांसी की सजा

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में विशेष POCSO कोर्ट ने एक बहुचर्चित मामले में सख्त फैसला सुनाते हुए आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के दोषी मुकेश पटेल को फांसी की सजा सुनाई है. अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है. यह घटना प्रयागराज के सोरांव क्षेत्र की है, जहां दोषी ने मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी. इस मामले ने स्थानीय स्तर पर व्यापक आक्रोश पैदा किया था.

विशेष न्यायाधीश (POCSO) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध ‘अत्यंत जघन्य’ है और ‘समाज की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला’ है. अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में कठोरतम सजा देना न्यायसंगत है. कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि मृत्युदंड का अर्थ है दोषी को फांसी पर लटकाकर मृत्यु देना.

दुर्गा पूजा पंडाल से घर लौट रही थी बच्ची

बता दें कि 3 अक्टूबर 2024 की शाम करीब 6:30 बजे शिवगढ़ चौराहे के पास लगे दुर्गा पूजा पंडाल में गई आठ वर्षीय बच्ची घर लौटते समय लापता हो गई थी. अगले दिन 4 अक्टूबर 2024 को बच्ची का शव गांव के मुन्ना पहलवान के धान के खेत में नग्न अवस्था में मिला. शव पर अत्यधिक क्रूरता के निशान थे. बच्ची के दोनों हाथ-पैर और सारे दांत टूटे थे, मुंह से खून झाग निकल रहा था और निजी अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त था. पोस्टमॉर्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया.

नाबालिग की मां ने दर्ज कराया था केस

पीड़िता की मां ने तहरीर दी, जिसमें आरोप लगाया गया कि दोषी मुकेश पटेल ने बच्ची के साथ रेप कर क्रूरता से हत्या कर दी. गवाहों के बयानों के आधार पर दोषी मुकेश पटेल की पहचान और गिरफ्तारी हुई. जांच में यह सिद्ध हुआ कि दोषी ने हत्या, रेप और गंभीर यौन उत्पीड़न जैसे जघन्य अपराध किए हैं.

जांच में साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोषी की गिरफ्तारी हुई और 10 दिसंबर 2024 को आरोप-पत्र दाखिल किया गया. अदालत ने 21 दिसंबर 2024 को आरोप तय किए और साक्ष्य परीक्षण पूरा होने के बाद 26 मार्च 2026 को दोष सिद्धि सुनाई और 30 मार्च 2026 को दंडादेश पारित किया गया.

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