Delhi Air Pollution : नई दिल्ली। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को घोषणा की कि दिल्ली सरकार तृतीय-पक्ष निगरानी के जरिये प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) प्रणाली में सुधार करेगी, वाहनों की भीड़ कम करने के लिए एक कार-पूलिंग ऐप विकसित करेगी और यांत्रिक रूप से सड़क की सफाई करने वाली मशीनों और कूड़ा उठाने वाली मशीनों की खरीद के लिए 10 वर्षों में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को 2,700 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए कार पूलिंग ऐप
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिरसा ने कहा कि सरकार दिल्लीवासियों को सवारी साझा करने के लिए प्रोत्साहित करने और सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या कम करने के लिए एक ‘कार-पूलिंग एप्लिकेशन’ विकसित करने पर भी काम कर रही है। उन्होंने कहा, हम एक ऐसा कार-पूलिंग ऐप लाने की कोशिश कर रहे हैं जिसे लोग आसानी से डाउनलोड और उपयोग कर सकें। मंत्री ने कहा कि सरकार ने पूरे शहर में गड्ढों की निगरानी के लिए एक तृतीय-पक्ष एजेंसी को नियुक्त करने का निर्णय लिया है।

प्रस्तावित प्रणाली के तहत, एजेंसी साल भर सर्वेक्षण करेगी, दिल्ली भर में यात्रा करेगी, गड्ढों की पहचान करेगी, तस्वीरें खींचेगी और अधिकारियों को डेटा प्रस्तुत करेगी। उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) द्वारा निविदा जारी की गई है। मंत्री ने यह भी घोषणा की कि सरकार एकीकृत यातायात प्रबंधन प्रणाली विकसित करने के लिए यातायात पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने कहा, वर्तमान में अगर लंबा जाम भी लग जाए, तो यातायात बत्ती कुछ समय के लिए लाल रहती है। इससे जाम और बढ़ जाता है। हम एक ऐसी प्रणाली पर काम कर रहे हैं जिससे जाम लगने पर यातायात सिग्नल के लाल रहने की अवधि कम की जा सके।

पानी का छिड़काव करने वाले 300 यंत्र तैनात
मंत्री ने कहा कि सरकार यातायात प्रदूषण के प्रमुख केंद्रों की पहचान करने के लिए ‘गूगल मैप्स’ के साथ भी साझेदारी करेगी। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के कार्यकाल में प्रदूषण के 13 प्रमुख केंद्र थे जो अब बढ़कर 62 हो गए हैं। उन्होंने कहा, हम वाहनों से होने वाले प्रदूषण के 100 प्रमुख केंद्रों की पहचान करने के लिए ‘गूगल मैप्स’ के साथ साझेदारी कर रहे हैं। इस तरह हम आवश्यक उपाय शुरू कर सकेंगे। सिरसा ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के चार स्रोत हैं – वाहन प्रदूषण, औद्योगिक प्रदूषण, धूल प्रदूषण और ठोस अपशिष्ट प्रदूषण। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को सड़क की यांत्रिक सफाई करने वाली 70 मशीनों और पानी छिड़कने वाले यंत्र लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शहर भर में कूड़ा बीनने वाले लगभग 1,000 उपकरण और पानी का छिड़काव करने वाले 300 यंत्र तैनात किए जा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि वायु प्रदूषण नियंत्रण के प्रति क्षेत्रीय दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय कर रही है। उन्होंने कहा, हम पड़ोसी राज्यों के संपर्क में हैं और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि वहां भी वायु गुणवत्ता में सुधार हो। सिरसा ने यह भी कहा कि सरकार ने प्रदूषण स्तर को कम करने में सहायक ‘धुआं-निरोधक’ सतहों की पहचान और विकास के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-मद्रास के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन सतहों का परीक्षण किया जाएगा और चुनिंदा क्षेत्रों में इन्हें लागू किया जाएगा। लोगों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सरकार इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा ऐसी 100 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। सिरसा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के नेता जानबूझकर प्रदूषण स्तर बढ़ाने के लिए कचरा जला रहे हैं। सिरसा ने कहा, ‘‘मैं आप और उसके प्रमुख अरविंद केजरीवाल से अनुरोध करता हूं कि वे इस तरह की गंदी राजनीति में संलिप्त होने से बाज आएं।
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