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अधूरी रह गई धर्मेंद्र की ख्वाहिश…’इक्कीस’ के सेट से आखिरी दिन का VIDEO वायरल, फैंस की आंखें नम

अधूरी रह गई धर्मेंद्र की ख्वाहिश…’इक्कीस’ के सेट से आखिरी दिन का VIDEO वायरल, फैंस की आंखें नम

Dharmendra Final Message Ikkis: दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के जाने का दुख आज भी उनके चाहने वालों के दिलों में ताजा है। 24 नवंबर को उनके निधन की खबर ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया था। वह परिवार और करोड़ों फैंस को रोता-बिलखता छोड़ गए। अफसोस की बात यह रही कि धर्मेंद्र अपनी आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ को पूरी तरह देख भी नहीं पाए। अब इसी बीच फिल्म से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसने फैंस की भावनाओं को फिर से झकझोर दिया है।

दरअसल, यह वीडियो फिल्म ‘इक्कीस’ के आखिरी दिन के शूट का बताया जा रहा है। उस दिन धर्मेंद्र सेट पर बेहद भावुक नजर आए थे। उन्होंने पूरी टीम और अपने फैंस के लिए एक खास संदेश रिकॉर्ड किया था। तब किसी को अंदाजा नहीं था कि यही वीडियो आगे चलकर उनका आखिरी मैसेज साबित होगा।

मैडॉक फिल्म्स द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए इस वीडियो में धर्मेंद्र कहते हैं कि वह इस फिल्म और टीम के साथ काम करके बेहद खुश हैं। उन्होंने निर्देशक श्रीराम राघवन की तारीफ करते हुए कहा कि फिल्म को बहुत खूबसूरती से बनाया गया है और भारत-पाकिस्तान दोनों देशों के लोगों को यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए।

‘कहीं कोई गलती हो गई हो तो क्षमा करना’

वीडियो में आगे कहते हैं, “मैं खुश भी हूं और दुखी भी, क्योंकि आज शूटिंग का आखिरी दिन है। मैं आप सभी से बहुत प्यार करता हूं। अगर मुझसे कहीं कोई गलती हो गई हो, तो मुझे माफ कर देना।” उनकी यह बात सुनकर फैंस भावुक हो गए। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही लोगों ने कमेंट्स में अपने दिल की भावनाएं जाहिर कीं।

 

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एक फैन ने लिखा, “धरम जी, आपको कोई रिप्लेस नहीं कर सकता।” दूसरे ने कहा, “हम ‘इक्कीस’ आपकी यादों के साथ देखेंगे।” कई लोगों ने उन्हें हमेशा दिलों में जिंदा रहने वाला कलाकार बताया।

‘इक्कीस’ की कहानी और रिलीज डेट

फिल्म ‘’ में अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की भूमिका निभा रहे हैं, जो 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए थे। फिल्म में जयदीप अहलावत भी अहम किरदार में हैं। यह फिल्म 25 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी और यही धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म होगी।

अधूरी रह गई धर्मेंद्र की एक चाहत

डायरेक्टर श्रीराम राघवन के मुताबिक, धर्मेंद्र ने फिल्म का सिर्फ 70–80 प्रतिशत हिस्सा ही देखा था। डबिंग के दौरान उन्हें काफी दिक्कत हो रही थी, लेकिन वह फिल्म देखने को लेकर बेहद उत्साहित थे। अफसोस, यह इच्छा अधूरी ही रह गई। अब ‘इक्कीस’ उनके फैंस के लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि धर्मेंद्र की यादों का आखिरी तोहफा बन गई है।

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