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डॉक्टर ने बताया ये 7 तरह की रोटियां आपको कई गंभीर बीमारियों से रखेंगी दूर, शरीर को बनाएंगी हेल्दी और मजबूत

7 तरह की रोटियां
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भारतीय थाली में रोटी सिर्फ एक खाना नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा है। सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने तक, ज़्यादातर घरों में गेहूं की रोटी बिना किसी सवाल के परोसी जाती है। लेकिन बदलती लाइफस्टाइल,  ब्लड शुगर का उतार-चढ़ाव और वज़न बढ़ने जैसी परेशानियों ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हर दिन सिर्फ गेहूं की रोटी ही सबसे सही विकल्प है। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉक्टर सलीम ज़ैदी का मानना है कि अगर हम अपनी थाली में अन्य साबुत अनाज की रोटी शामिल करें तो इससे शरीर को अलग-अलग जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि गेहूं के अलावा कौन से आटे की रोटी आपकी सेहत के लिए बेहतर विकल्प हैं और क्यों।

रोज़ाना के खाने के लिए हेल्दी रोटियां

  • गेहूं की रोटी: गेहूं की रोटी में फ़ाइबर और B विटामिन होते हैं जो पाचन और एनर्जी लेवल को सपोर्ट करते हैं। हालांकि, ज़्यादा गेहूं खाने से कुछ लोगों में वज़न बढ़ सकता है और ब्लड शुगर बढ़ सकता है। यह सबसे अच्छा तब काम करता है जब इसे बैलेंस में खाया जाए और बेहतर न्यूट्रिशन के लिए दूसरे आटे के साथ मिलाया जाए।

  • बाजरा रोटी: बाजरा आयरन, मैग्नीशियम, ओमेगा-3 फैटी एसिड और फ्लेवोनॉयड्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। यह शरीर को गर्म रखने में मदद करता है, खून बनने में मदद करता है और डायबिटीज के लिए अच्छा है। बाजरा आंखों की सेहत को भी बेहतर बनाता है और अपनी एंटी-इंफ्लेमेटरी खूबियों की वजह से अस्थमा के मरीजों को फायदा पहुंचा सकता है।

  • ज्वार रोटी: ज्वार में आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फाइबर और विटामिन B होते हैं। फूड रिसर्च इंटरनेशनल में छपी एक स्टडी में पाया गया कि ज्वार में कैलोरी कम होती है, जो इसे वेट मैनेजमेंट के लिए बहुत अच्छा बनाती है। ग्लूटेन-फ्री होने की वजह से, यह ग्लूटेन सेंसिटिविटी वाले लोगों के लिए सही है और बेहतर डाइजेशन के ज़रिए दिल की सेहत को भी बेहतर बनाता है।

  • रागी रोटी: रागी कैल्शियम से भरपूर अनाज है जो हड्डियों की सेहत को बेहतर बनाता है। जर्नल ऑफ फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी में छपी रिसर्च के मुताबिक, इसमें फाइबर की ज़्यादा मात्रा आपको ज़्यादा देर तक भरा हुआ महसूस कराती है, जिससे आप ज़्यादा खाना कम खाते हैं। रागी हीमोग्लोबिन और पूरी ताकत बढ़ाने में मदद कर सकता है।

  • चावल के आटे की रोटी: चावल के आटे की रोटी हल्की, ग्लूटेन-फ्री और आसानी से पचने वाली होती है। डॉ. जैदी के अनुसार, यह पेट को हल्का रखती है और हेल्दी ब्लड प्रेशर लेवल बनाए रखने में मदद कर सकती है, जिससे यह सेंसिटिव डाइजेशन वाले लोगों के लिए सही है।

  • बेसन रोटी: बेसन की रोटी में प्रोटीन और फाइबर भरपूर होता है, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने और मसल्स को सपोर्ट करने में मदद करता है। यह वेट मैनेजमेंट के लिए एक अच्छा ऑप्शन है और लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे फालतू स्नैकिंग कम होती है।

  • ओट्स रोटी: ओट्स में बीटा-ग्लूकेन होता है, जो एक सॉल्युबल फाइबर है, जो न्यूट्रिएंट्स में पब्लिश एक स्टडी में कोलेस्ट्रॉल कम करने और हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए दिखाया गया है। ओट्स रोटी गट हेल्थ को भी सपोर्ट करती है, आपको पेट भरा रखती है और वेट कंट्रोल में मदद करती है।

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