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नवरात्र अष्‍टमी को लेकर बिल्‍कुल ना हों कन्‍फ्यूज, 9 दिन का ही है चैत्र नवरात्र, देख लें हर ति‍थि का लेखा-जोखा

नवरात्र अष्‍टमी को लेकर बिल्‍कुल ना हों कन्‍फ्यूज, 9 दिन का ही है चैत्र नवरात्र, देख लें हर ति‍थि का लेखा-जोखा

Ramnavami kab hai : हिंदू व्रत-त्‍योहार की तारीख हिंदू पंचांग के अनुसार तिथि की शुरुआत और समापन का समय देखकर तय होती है. जब भी कोई तिथि 2 दिन पड़ती है, तो संबंधित व्रत-त्‍योहार की सही तारीख को लेकर लोगों में उलझन रहती है कि वह व्रत रखने या त्‍योहार मनाने की सही तारीख कौन-सी है. चैत्र नवरात्र की अष्‍टमी और नवमी तिथि को लेकर भी ऐसा ही हुआ है.

लोग असमंजस में हैं कि अष्‍टमी कब मानी जाए और नवमी कब? या दोनों तिथि अष्‍टमी और नवमी एक ही दिन हैं. इसके चलते कुछ लोग चैत्र नवरात्र को 9 दिन की बजाय 8 दिन की मान रहे हैं. जबकि पंचांग के अनुसार ऐसा नहीं है.

9 दिन की 9 तिथियां और उनका प्रारंभ-समापन समय
हिंदू धर्म में तिथियां आमतौर पर उदयातिथि के अनुसार मान्‍य होती हैं. भगवान शिव की पूजा शाम को प्रदोष काल में की जाती है, लिहाजा प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि तिथि का निर्धारण शाम के प्रदोष काल के अनुसार होता है. बाकी अधिकांश तिथियां सूर्योदय के समय के अनुसार तय होती हैं. नवरात्र में भी उदयातिथि के आधार पर प्रतिपदा से नवमी तिथि तक पूरे दिन की नवरात्र हैं. 19 मार्च 2026 से 27 मार्च 2026 तक नवरात्र हैं और हर दिन देवी के संबंधित पूजा हो सकेगी.

प्रोकेरला पंचांग के अनुसार नवरात्र की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक हर तिथि की प्रारंभ और समापन समय.

19 मार्च 2026, चैत्र शुक्‍ल प्रतिपदा तिथि- 19 मार्च की सुबह 06:53 से प्रारंभ और 20 मार्च की तड़के सुबह 04:52 पर समापन
20 मार्च 2026, चैत्र शुक्‍ल द्वितीया तिथि- 20 मार्च की सुबह 04:52 बजे से प्रारंभ और 21 मार्च की तड़के सुबह 02:31 बजे समापन
21 मार्च 2026, चैत्र शुक्‍ल तृतीया तिथि – 21 मार्च की तड़के सुबह 02:31 बजे से प्रारंभ होकर 21 मार्च की देर रात 11:56 बजे समापन
22 मार्च 2026, चैत्र शुक्‍ल चतुर्थी तिथि – 21 मार्च की देर रात 11:56 बजे से प्रारंभ और 22 मार्च की रात 09:16 बजे समापन
23 मार्च 2026, चैत्र शुक्‍ल पंचमी तिथि – 22 मार्च की रात 09:16 बजे से 23 मार्च की शाम 06:38 बजे समापन
24 मार्च 2026, चैत्र शुक्‍ल षष्‍ठी तिथि – 23 मार्च की शाम 06:38 बजे से प्रारंभ और 24 मार्च की शाम 04:08 बजे समापन
25 मार्च 2026, चैत्र शुक्‍ल सप्‍तमी तिथि – 24 मार्च की शाम 04:08 बजे से प्रारंभ और 25 मार्च की दोपहर 01:50 बजे समापन
26 मार्च 2026, चैत्र शुक्‍ल अष्‍टमी तिथि – 25 मार्च की दोपहर 01:50 बजे से प्रारंभ और 26 मार्च की सुबह 11:49 बजे तक
27 मार्च 2026, चैत्र शुक्‍ल नवमी तिथि – 26 मार्च की सुबह 11:49 बजे से प्रारंभ और 27 मार्च की सुबह 10:07 बजे तक

अष्‍टमी-नवमी पर इसलिए कन्‍फ्यूजन
चूंकि अष्‍टमी तिथि 26 मार्च की सुबह 11:49 बजे तक ही है और नवमी तिथि भी अगले दिन 27 मार्च को सुबह 10:07 बजे ही समाप्‍त हो रही है, ऐसे में कुछ लोगों का मानना है अष्‍टमी-नवमी एकसाथ 26 मार्च को हैं. जबकि नवरात्र की अष्‍टमी तिथि का व्रत 26 मार्च को रखा जाएगा. वहीं जो लोग नवमी को पूजा करते हैं, वे 27 मार्च को पूजा करें.

वहीं रामनवमी मनाने की तिथि की बात करें तो रामलला का जन्‍म मध्‍यान्‍ह काल में हुआ था इसलिए रामनवमी की पूजा दोपहर में 12 बजे के आसपास की जाती है. चूंकि नवमी तिथि 27 मार्च की सुबह ही खत्‍म हो रही है तो कुछ लोगों का मत है कि ऐसे में 26 मार्च को रामनवमी की पूजा करनी चाहिए. तो इसका जवाब है कि दोनों ही दिन रामनवमी की पूजा की जा सकेगी. हालांकि, ज्‍यादातर ज्‍योतिषाचार्यों का मत है कि 27 मार्च की दोपहर अभिजीत मुहूर्त में राम नवमी की पूजा करना शुभ रहेगा.

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