IndiaTrending

आर्मी और UPSC के सपने, आज जोमैटो की यूनिफॉर्म… ट्रिप्पी पांडे की कहानी ने छू लिया दिल

आर्मी और UPSC के सपने, आज जोमैटो की यूनिफॉर्म… ट्रिप्पी पांडे की कहानी ने छू लिया दिल

Indian Youth Struggle : सपने हर कोई बड़े देखता है, लेकिन वक्त, हालात और जिम्मेदारियां कई बार इंसान को उस जगह ले आती हैं, जहां उसने कभी खुद को देखने की कल्पना भी नहीं की होती। ऐसी ही एक सच्ची और भावुक कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसे इंस्टाग्राम यूजर ट्रिप्पी पांडे ने खुद बयां किया है।

वीडियो में ट्रिप्पी बताते हैं कि 12वीं के समय उनका सपना था आर्मी की यूनिफॉर्म पहनने का। बाद में कॉलेज पहुंचे तो लक्ष्य बदला और उन्होंने UPSC क्लियर कर पुलिस अफसर बनने का सपना देखना शुरू किया। लेकिन जिंदगी ने अलग ही मोड़ ले लिया।

 

View this post on Instagram

 

जिस काम से कमाई हो रही है, वह कभी छोटा नहीं होता

वीडियो में ट्रिप्पी अपनी जोमैटो की यूनिफॉर्म दिखाते हुए कहते हैं कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन वे यह जैकेट पहनेंगे। हालांकि, वह साफ कहते हैं कि उन्हें अपने काम से कोई शिकायत नहीं है। उनके शब्दों में, “जिस काम से कमाई हो रही है, वह कभी छोटा नहीं होता, बस मेरे सपने थोड़े बड़े थे।”

ट्रिप्पी बताते हैं कि जब जोमैटो की जैकेट का पार्सल आया और वे उसकी अनबॉक्सिंग कर रहे थे, तब तक सब सामान्य लग रहा था। लेकिन जैसे ही उन्होंने उसे पहनकर खुद को देखा, तभी एहसास हुआ कि जिंदगी कब और कहां लाकर खड़ा कर दे, कोई नहीं जानता।

हजारों युवाओं की हकीकत को बयां करती यह कहानी

के अंत में ट्रिप्पी कहते हैं कि अब जब उन्होंने जिम्मेदारी उठा ली है, तो उसे पूरी ईमानदारी और 100 फीसदी मेहनत के साथ निभाएंगे। यह रील इंस्टाग्राम पर 3 दिन पहले पोस्ट की गई थी, जिसे अब तक साढ़े 4 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। ट्रिप्पी अपने बायो में बताते हैं कि वे उत्तराखंड से हैं और फिलहाल अहमदाबाद में काम कर रहे हैं। उन्होंने लिखा है, “अपने रास्ते की तलाश में हूं।”

ट्रिप्पी के मुताबिक, उनका रोज का रूटीन 18 घंटे काम, 5 घंटे नींद और 1 घंटा जिम का है। वीडियो में उन्होंने अपनी कमाई भी साझा की, जिसमें 4 घंटे में कुल 507 रुपये की इनकम, करीब 100 रुपये पेट्रोल खर्च और लगभग 400 रुपये का मुनाफा बताया गया है। उनकी यह ईमानदार कहानी को बयां करती है।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply