डूंगरपुर: जिले के दोवड़ा थाने में तैनात दो पुलिसकर्मियों ने खाकी को शर्मसार करते हुए एक युवक को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत वसूल ली. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने तत्परता दिखाते हुए हेड कांस्टेबल अशोक कुमार पटेल (पाटीदार) और कांस्टेबल प्रकाश चन्द्र पटेल (पाटीदार) को दबोच लिया है. एसीबी ने आरोपियों के कब्जे से रिश्वत की पूरी राशि 1,50,000 रुपये भी बरामद कर ली है.
झूठे केस का डर दिखाकर मांगी 2 लाख की रिश्वत
एसीबी डूंगरपुर उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित ने बताया कि परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 18 जनवरी 2026 को नयागांव के पास पुलिस की गाड़ी में आए कर्मचारियों ने उसे रोककर पूछताछ की. आरोपियों ने उसका मोबाइल छीन लिया और उस पर लोकेन्टो ऐप के जरिए ऑनलाइन ठगी करने का झूठा आरोप लगाया. परिवादी को डरा-धमकाकर गाड़ी में बैठा लिया गया और थाने ले जाने का डर दिखाया गया. रास्ते में ही कांस्टेबल प्रकाश चन्द्र पटेल ने सौदा तय करते हुए कहा कि यदि मामला दर्ज हुआ तो महीनों तक जमानत नहीं होगी. उसने थानाधिकारी का वास्ता देते हुए मामला रफा-दफा करने के बदले 2 लाख रुपये की मांग की. बाद में सहमति 1.50 लाख रुपये पर बनी.
फिल्मी स्टाइल में पीछा कर पकड़ा, हवाई पट्टी के पास छिपाए थे पैसे
एसीबी डूंगरपुर के उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में बुधवार देर रात जाल बिछाया गया. जैसे ही परिवादी ने आसपुर रोड पर कार में सवार पुलिसकर्मियों को रिश्वत की राशि थमाई, आरोपी पैसे लेकर फरार होने लगे. एसीबी टीम ने पीछा कर उन्हें एक होटल के पास दबोच लिया. हालांकि, उस समय तत्काल बरामदगी नहीं हो सकी थी, जिस पर आरोपियों को शुक्रवार को माननीय विशिष्ट न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम संख्या-01), उदयपुर के समक्ष पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया. गहन पूछताछ के बाद आरोपी प्रकाश चन्द्र पटेल की निशानदेही पर शुक्रवार को दोवड़ा हवाई पट्टी के पास छुपाकर रखी गई 1.50 लाख रुपये की रिश्वत राशि बरामद कर ली गई.
पुलिस रिमांड के बाद अब जाएंगे जेल
एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में हुई इस कार्रवाई ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है. महानिरीक्षक पुलिस राजेश सिंह ने बताया कि रिश्वत राशि की नियमानुसार बरामदगी के बाद अब दोनों आरोपियों को शनिवार को न्यायालय में न्यायिक अभिरक्षा हेतु पेश किया जाएगा. एसीबी अब इस मामले में अन्य कड़ी और संलिप्तता की भी जांच कर रही है.

contact.satyareport@gmail.com


.jpg)
