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पोइता भात (Poita Bhat) असम की पारंपरिक, पेट को ठंडक देने वाली एक रेसिपी है, इस रेसिपी को रात के बचे हुए चावल को रात भर पानी में भिगोकर यानी फर्मेंट करके बनाया जाता है। इसे सरसों के तेल, कटे हुए प्याज, हरी मिर्च और ‘आलू पिटिका’ (मैश किए हुए आलू) के साथ नाश्ते में परोसा जाता है। यह गर्मियों के लिए एकदम परफेक्ट ब्रेकफास्ट है। चलिए जानते हैं सुबह नाश्ते में इसे कैसे बनाएं?
पोइता भात के लिए आवश्यक सामग्री:
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चावल: 1 कप पके हुए बचे हुए चावल (ठंडा)
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पानी: चावल को रात भर भिगोने के लिए
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दही/छाछ: 1/4 कप या स्वादानुसार (ऐच्छिक, फ्लेवर के लिए)
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प्याज: 1 मध्यम (बारीक कटा हुआ)
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हरी मिर्च: 2-3 (बारीक कटी हुई)
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सरसों का तेल: 1-2 चम्मच (कच्चा)
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नमक: स्वादानुसार
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हरा धनिया: बारीक कटा हुआ (सजावट के लिए)
कैसे बनाएं पोईता भात?
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पहला स्टेप: रात में अगर चावल बचा हुआ है तो उसे रात में ही मिटटी के एक बर्तन में पानी के साथ रात भर (6-8 घंटे) के लिए भिगो दें।
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दूसरा स्टेप: मिटटी के बर्तन में इसे भिगोने से पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ जताई है और खुशबु भी बेहद अच्छी आती है
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तीसरा स्टेप: अगली सुबह, चावल को पानी के साथ या बिना, एक प्लेट में निकाल लें।
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चौथा स्टेप: अब चावल में बारीक कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, और नमक और उबला हुआ आलू डालें।
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पांचवा स्टेप: ऊपर से थोड़ा कच्चा सरसों का तेल डालें और अच्छी तरह से मिलाएं। आपका पोईता भात बनकर तैयार है.
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छटवां स्टेप: इसे आलू पिटिका (उबले आलू, प्याज, मिर्च, तेल का मिश्रण) या तली हुई मछली, या अचार के साथ परोसें।
पोइता भात खाने के फायदे
पोइता भात एक पौष्टिक और प्रोबायोटिक-युक्त व्यंजन है, जो पाचन में सुधार, कब्ज दूर करने और शरीर को गर्मी में ठंडा रखने में मदद करता है। रात भर पानी में भीगे चावलों के कारण इसमें आयरन, पोटेशियम और कैल्शियम की मात्रा बढ़ जाती है, जो थकान कम कर दिन भर ऊर्जावान बनाए रखता है।



